महाराष्ट्र में कोरोना के कारण हालात फिर से खराब हो गए हैं. देश में हर रोज सामने आ रहे नए मामलों में अधिकतर केस महाराष्ट्र से हैं. ऐसे हालात के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि हालात बहुत खराब हैं, इसे स्वीकार करना पड़ेगा. उन्होंने फिल्म जगत, मराठी नाटककारों, मल्टीप्लेक्स के प्रतिनिधियों, सिनेमा ऑपरेटर्स और लोगों से कोरोना वायरस को लेकर जागरुकता लाने के लिए आगे आने और मिलकर काम करने की अपील की है.
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ये अपील मराठी नाट्य निर्माता संघ और प्रदेश के मल्टीप्लेक्स, सिनेमा ऑपरेटर्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में की. प्रतिनिधियों के साथ बैठक में सीएम उद्धव ने कहा कि जब महामारी से लड़ाई हो तब सरकार की भूमिका सभी को साथ लेकर चलने की है. उन्होंने कहा कि स्थिति खराब हो रही है. यह किसी को जिम्मेदार ठहराने या गलतियां ढूंढने का सही समय नहीं है. हमें हालात को स्वीकार करना होगा.
सीएम उद्धव ने साथ ही यह भी कहा कि यदि अनुशासन का पालन किया गया होता तो आज हालात इतने खराब नहीं होते. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि पिछले साल थिएटर और फिल्म इंडस्ट्री के व्यवसाय को नुकसान हुआ. हम कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए अपने स्तर से हर संभव कोशिश कर रहे हैं लेकिन सेल्फ डिसिप्लिन की कमी है.
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह फैक्ट है कि हेल्थ सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है. कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है. संक्रमितों की तादाद बढ़ रही है. परिवार प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस स्थिति से उबरने के लिए आपको भी आगे आना होगा. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सहयोग की उम्मीद जताई. सीएम से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने भी सरकार से पूर्ण सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की.
फिल्म जगत, मराठी नाटककारों, मल्टीप्लेक्स के प्रतिनिधियों, सिनेमा ऑपरेटर्स ने यह कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वे राज्य सरकार के साथ हैं और हर तरह से सहयोग को तैयार हैं. फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी ने कहा कि सरकार की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, हम उसका पालन करेंगे. उन्होंने कहा कि कोई भी लॉकडाउन नहीं चाहता लेकिन समय-समय पर हालात की समीक्षा भी की जानी चाहिए. इस दौरान प्रदेश के सांस्कृतिक विभाग के मंत्री अमित देशमुख, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव प्रदीप व्यास, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव विकास खड़गे और चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव सौम्य विजय भी मौजूद रहे.