हालांकि इसी सख्ती के चलते गुरुवार को बिलासपुर के रास्ते हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर रहे पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी और उनके साथ आए 2 अन्य लोगों को वापस लौटा दिया गया क्योंकि उनके पास राज्य में प्रवेश करने का कोई अधिकारिक पास नहीं था.
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साथ ही गुजरात से आई 2 गाड़ियों में नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ कर वीआईपी नंबर बनाने के मामले में कुछ लोगों पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी किया गया है.
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पास नहीं तो एंट्री नहीं
मामला गुरुवार सुबह का है जब पंजाब के रिटायर्ड डीजीपी सुमेध सिंह सैनी 2 अन्य लोगों के साथ CH 01 BW 0820 गाड़ी से नैना देवी बैरियर पर पहुंचे, लेकिन अधिकारिक पास नहीं दिखा पाने पर सैनी और उनके साथ आए 2 लोगों को बिलासपुर पुलिस ने रोक दिया और उनको प्रवेश की इजाजत नहीं दी.
पूर्व डीजीपी सैनी ने एसपी बिलासपुर दिवाकर शर्मा से फोन पर मंडी जिला के करसोग जाने की इजाजत मांगी, लेकिन एसपी शर्मा ने बिना ई पास के एंट्री देने से मना कर दिया और अंत में थक हारकर पंजाब के पूर्व डीजीपी को वापस मोहाली लौटना पड़ा.
मोहाली में अपहरण का केस
पंजाब के पूर्व पुलिस प्रमुख सुमेध सिंह सैनी को गुरुवार का दिन अशुभ साबित हुआ. एक तो हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने की इजाजत नहीं मिली और वहीं उनके खिलाफ मोहाली में किडनैपिंग का मामला भी दर्ज हो गया.
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उन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर अगस्त 1991 में एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के बेटे को किडनैप किया था.