देश में लंबे लॉकडाउन के बाद अब इसमें ढील दी जाने लगी है, जिसे अनलॉक 1.0 कहा जा रहा है. लंबे समय की बंदी के बाद अब आप होटलों में जाएंगे तो बहुत कुछ बदला हुआ नजर आएगा. किसी होटल में आपको वेलकम ड्रिंक के रूप में काढ़ा पेश किया जा सकता है तो कई होटलों में स्टाफ पीपीई किट में नजर आ सकता है. कई होटलों में आपको बिना मास्क लगाए प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी.
अगर आपके लिए मास्क और सैनिटाइजर जैसी चीजें हर कहीं अनिवार्य हैं तो होटल और रेस्तरां भी अपने व्यवसाय चालू करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी कर रहे हैं ताकि होटल स्टाफ और ग्राहक दोनों सुरक्षित रहें. हालांकि पका हुआ भोजन तो संक्रमण से सुरक्षित है, लेकिन आसपास मौजूद लोगों को कोरोना वायरस से बचकर रहना होगा.
लॉकडाउन में ढील के साथ खुल रहे होटल लोगों की सुरक्षा में ध्यान में रखकर नए सिरे से व्यवसाय शुरू करने की योजना पर काम कर रहे हैं. जैसे कि होटल में पहुंचते ही आपके स्वागत में कोई पेय पदार्थ यानी 'वेलकम ड्रिंक' आता था, अब उसकी जगह आयुर्वेदिक नुस्खे से बना काढ़ा पेश किया जा सकता है, जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा.
कोलकाता में 'फर्स्ट इनिंग्स' नाम का रेस्टोरेंट चलाने वाले अनिल भदौरिया ने कहा, “सभी मानक तैयारियां की गई हैं, लेकिन मेहमानों की सुरक्षा इससे ज्यादा महत्वपूर्ण है और उन्हें यह आश्वासन देना है कि वे जो भोजन कर रहे हैं, जो सेवाएं ले रहे हैं, वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं. हम उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के भी उपाय करेंगे ताकि वे अच्छा महसूस करेंगे. इसके लिए वेलकम ड्रिंक के तौर पर मेहमानों को हम काढ़ा परोसेंगे जो कि आयुर्वेदिक नुस्खे से बना होगा और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा.”

कई होटलों ने सबसे पहला काम किया है कि बैंक्वेट सिस्टम को हटा दिया है. अब ऐसा नहीं होगा कि आसपास तमाम लोग एक साथ खाना खाएं और कई लोग सर्विस दें. अगर है भी तो एक आदमी को केवल एक आदमी सर्विस देगा. कई होटलों में मीनू कार्ड हटा दिया गया है. अब होटल आपको एक कोड नंबर देगा जिसके जरिये आप अपने मोबाइल पर मीनू देख सकेंगे और आर्डर दे सकेंगे.
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लंबे लॉकडाउन के बाद फर्स्ट इनिंग होटल में पहुंची मेहमान सना ने हमसे अपना अनुभव शेयर किया. यह उनके लिए रोमांचक और नया अनुभव था. उन्होंने बताया, “इतने लंबे समय के बाद घर से बाहर होना बिल्कुल रोमांचक अनुभव है. बहुत चीजें बदल गई हैं जैसे मुझे यहां 'काढ़ा' पहली बार देखने को मिला. यह अच्छा है. लोगों की और आसपास के वातावरण की देखभाल के लिए यह बेहतर साबित होगा.”
स्प्रिंक्लर की जगह अब पाउच...
होटलों में बैठने की पूरी व्यवस्था बदल गई है. जैसे ही कोई मेहमान आता है, पहले सीट को साफ किया जाता है और फिर उसे सीट पर बैठने दिया जाता है. कुर्सी मेज के सेट पूरी तरह बदल दिए गई है. नमक और मसालों के स्प्रिंक्लर की जगह अब उनके पाउच रखे गए हैं. नैपकिन की जगह टिशू पेपर का इस्तेमाल किया जा रहा है.
अनिल ने बताया, “आमतौर पर प्रीमियम होटल्स में जगह काफी होती है तो हमारे लिए डिस्टैंसिंग भी आसान है. हालांकि, इससे रेवेन्यू पर असर पड़ रहा है लेकिन लोगों की सुरक्षा ज्यादा जरूरी है. फर्स्ट इनिंग्स होटल में 102 सीटें हैं जिन्हें अब सिर्फ 40 कर दिया गया है”.
कई होटल्स में किचन के सेटअप, साज सज्जा, कुकिंग, सर्विंग वगैरह के तरीके और नियम बदल दिए गए हैं. कई होटलों में सर्व करने की सुविधा खत्म कर दी है. मेहमान को खुद ही से खाना सर्व करना होगा.

स्टाडेल होलक के डिप्टी जनरल मैनेजर शरद सरोज भौमिक ने बताया, “अब वायरस से लड़ने के लिए हमें कुछ करना होगा. हम लोगों के आपसी संपर्क कम करने की कोशिश कर रहे हैं. यह हमारे मेहमानों की सुरक्षा के लिए है. हम एक बार में आर्डर ले रहे हैं. हम कोशिश कर रहे हैं कि जो खाना पहले से बना है, ग्राहक उसी को आर्डर करे. एक टेबल पर सर्विस देने कम से कम बार जाने पर जोर दे रहे हैं. हम ये भी कोशिश कर रहे हैं कि एक बार खाना टेबल पर रख दिया जाए और ग्राहक खुद ही सर्व करे.”
उन्होंने बताया, “हमने तमाम सुविधाएं खत्म कर दी हैं. स्टाफ कम कर दिए हैं और कर्मचारियों के स्लॉट बांट दिए हैं. होटल के कर्मचारियों को भी दूर दूर रहकर काम करने की व्यवस्था की गई है.” खाने की प्लेट हटाने के लिए भी नई व्यवस्था की जा रही है. यह काम अब कोई होटल स्टाफ नहीं करेगा, बल्कि इस काम के लिए अलग से एक आदमी होगा जो कि पीपीई किट्स से लैस होगा.