तबलीगी जमात के मरकज से लौटे जमातियों ने देशभर में कोरोना वायरस के खतरे को बढ़ा दिया है. अब तक 1500 से अधिक जमातियों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है. इस बीच जमातियों पर इलाज में सहयोग न करने का भी आरोप लग रहा है. साथ ही बदतमीजी के इल्जाम में कई जगहों पर कार्रवाई भी की जा रही है. ताजा मामला दिल्ली का है.
दरअसल, निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज से कई जमातियों को बाहर निकाला गया था. इसके बाद कई जमातियों को द्वारका के क्वारनटीन सेंटर में रखा गया था. इसी सेंटर के फ्लैट नंबर 109 से 112 की खिड़कियों की तरफ से कुछ लोग बोतल में यूरिन भरकर बाहर फेंक रहे थे. यह पूरी घटना सिविल डिफेंस के एक कर्मी ने देखी.
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इसके बाद इसकी शिकायत सिविल डिफेंस की तरफ से दिल्ली पुलिस से की गई. फिलहाल, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. इससे पहले नरेला पुलिस स्टेशन में दो जमातियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. उन पर क्वारनटीन सेंटर के दरवाजे पर शौच करने का आरोप था.
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मंगलवार को दिल्ली में कोरोना के 51 नए मरीजों के मिलने से आंकडा 576 तक पहुंच गया, जिनमें 333 का कनेक्शन तबलीगी जमात के मरकज से है. राजधानी में अबतक कोरोना से 9 मरीजों की मौत हो चुकी है. लिहाजा अब दिल्ली सरकार ने कोरोना को मात देने के लिए दक्षिण कोरिया के मॉडल को अपनाने की तैयारी की है.
दिल्ली सरकार एक लाख लोगों के रैपिड टेस्ट करवाएगी. रोजाना 1 हजार लोगों की का टेस्ट होगा. शुक्रवार से कोरोना वायरस की टेस्टिंग किट आनी शुरू हो जाएंगी. निजामुद्दीन और दिलशाद गार्डन इलाकों में सबसे ज्यादा टेस्टिंग की जाएगी. इन इलाकों में रैपिड टेस्ट के साथ डिटेल टेस्ट का भी इंतजाम किया जाएगा.