scorecardresearch
 
यूटिलिटी

रिजर्व बैंक ने फर्जी KYC से किया सचेत, ये किया तो हो सकता है बैंक अकाउंट खाली!

रिजर्व बैंक ने दी चेतावनी
  • 1/6

KYC Verification Fraud: टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही फ्रॉड करने के तरीके भी बढ़ रहे हैं. आर्थ‍िक मामलों में फर्जीवाड़ा इतना बढ़ रहा है कि अब रिजर्व बैंक को भी लोगों को समय-समय पर सचेत करना पड़ रहा है. रिजर्व बैंक ने अब चेतावनी दी है कि केवाईसी यानी नो योर कस्टमर के नाम से कुछ लोग फ्रॉड कर रहे हैं. अगर आपने किसी को कोई ओटीपी बताया या उनके द्वारा भेजे किसी फर्जी लिंक पर क्लिक कर लिया तो आपका अकाउंट खाली हो सकता है. (फाइल फोटो)

केवाईसी एक महत्वपूर्ण प्रकिया है
  • 2/6

असल में फर्जीवाड़ा करने और पैसे ठगने के लिए जालसाज अलग-अलग तरीकों से लोगों को फंसाने की फिराक में रहते हैं. इनमें से एक तरीका केवाईसी वेरिफिकेशन का भी है. केवाईसी यानी नो योर कस्टमर वेरिफिकेशन बैंकों द्वारा की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है. बैंक इसके जरिए सुनिश्चित करते हैं कि ग्राहक जेनुइन है या नहीं. लेकिन अब इसके नाम पर भी फर्जीवाड़ा होने लगा है. (फाइल फोटो)

रिजर्व बैंक ने चेताया
  • 3/6

क्या कहा रिजर्व बैंक ने: रिजर्व बैंक ने ट्वीट कर कहा, 'KYC अपडेशन, कार्ड की जानकारी, PIN या OTP के लिए किए गए मेसेज, कॉल या लिंक से सावधान रहें' आपको यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि बैंक कभी भी फोन कॉल, SMS या ईमेल के जरिए केवाईसी वेरिफिकेशन नहीं करते हैं. (फाइल फोटो)

जालसाज हो सकता है
  • 4/6

अगर कोई उक्त तरीकों यानी कॉल, एसएमएस या किसी लिंंक से आपका केवाईसी वेरिफिकेशन करने की बात करता है तो वह जालसाज हो सकता है. अगर आपके साथ बैंकिंग फ्रॉड की कोशिश होती है तो तुरंत इसकी रिपोर्ट आपको https://cybercrime.gov.in पर करनी चाहिए. (फाइल फोटो)

सेफ्टी टिप्स का रखें ध्यान
  • 5/6

इन सेफ्टी टिप्स का रखें ध्यान: बैंक भी अपने ग्राहकों को समय-समय पर सेफ्टी टिप्स बताते रहते हैं. अगर आपने इनका ध्यान रखा तो आपके साथ कोई फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएगा. जैसे 1. ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें. 2. रिमोट एक्सेस एप्लीकेशंस को नजरअंदाज करें. 3. अजनबी लोगों को अपने आधार कार्ड की कॉपी न दें. 4. बैंक अकाउंट के साथ अपनी ताजा कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेट रखें. (फाइल फोटो)

इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड बदलते रहें
  • 6/6

उपरोक्त के अलावा कुछ और टिप्स भी आपके लिए बैंक देते रहते हैं. जैसे 5. समय-समय पर इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड बदलते रहें. 6. मोबाइल और गोपनीय डेटा किसी के साथ शेयर न करें. 7. किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सोच-विचार कर लें. 8. ट्रांजैक्शन के लिए किसी वेबसाइट पर जाने से पहले चेक करें कि उसके यूआरल में https है या नहीं. s के साथ ऐसा यूआरएल सुरक्ष‍ित होता है. (फाइल फोटो)