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कोरोना: केंद्र ने दिया 1.1 लाख करोड़ का राहत पैकेज, वित्त मंत्री के ये 10 बड़े ऐलान

वित्त मंत्री के 10 बड़े ऐलान
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कोरोना टाइम में लोगों को विभिन्न स्तर पर राहत पहुंचाने और कोविड-19 की संभावित थर्ड वेब को लेकर सरकार की तैयारी के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई घोषणाएं की. उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के ये 10 बड़े ऐलान दिखाते हैं कि सरकार को स्वास्थ्य, पर्यटन, किसान, छोटे शहर और छोटे दुकानदार सभी का पूरा ध्यान है.

छोटे शहरों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
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सरकार ने कोविड-19 से प्रभावित सेक्टर्स के लिए कुल 1.1 लाख करोड़ की लोन गारंटी स्कीम पेश की है. इसमें 8 बड़े मेट्रो शहरों को छोड़कर बाकी छोटे शहरों में स्वास्थ्य या मेडिकल इंफ्रस्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए इससे जुड़ी परियोजनाओं के लिए सरकार लोन गारंटी कवर देगी. ये गारंटी कवर न्यू प्रोजेक्ट या पुराने प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए होगा. किसी प्रोजेक्ट को मैक्सिमम 100 करोड़ का लोन मिल सकेगा जिस पर सरकार की गारंटी 3 साल तक रहेगी. (Photo : Getty)

75% तक गारंटी कवरेज
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हेल्थ सेक्टर में नए प्रोजेक्ट के लिए सरकार 75% और पुराने प्रोजेक्ट पर 50% का गारंटी कवर सरकार देगी. एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक में दोनों तरह के प्रोजक्ट पर 75% लोन गारंटी सरकार देगी. इसमें हेल्थ सेक्टर के लिए सरकार कुल 50,000 करोड़ की क्रेडिट लाइन देगी. वहीं अन्य सेक्टर को सरकार 60,000 करोड़ की क्रेडिट लाइन देगी. इसमें हेल्थ सेक्टर के लिए अधिकतम ब्याज दर 7.95% और अन्य क्षेत्र के लिए 8.25% होगी. (Photo : Getty)

ECLGS का विस्तार
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सरकार ने पिछले साल लॉकडाउन के समय इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम की सीमा लॉन्च की थी. इसके तहत एमएसएमई, हॉस्पिटैलिटी, स्मॉल बिजनेस को क्रेडिट सुविधा दी गई. इसके लिए कुल 3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान था जिसे अब बढ़ाकर कुल 4.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. इस स्कीम के तहत अब तक 2.69 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया जा चुका है. (File Photo)

25 लाख छोटे कर्जदारों का ख्याल
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सरकार ने माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (MFI) से लोन लेने वाले छोटे कर्जदारों के लिए एक नई क्रेडिट गारंटी स्कीम की घोषणा की है. इसमें एमएफआई या एनबीएफसी द्वारा व्यक्तियों को 1.25 लाख रुपये तक का लोन देने के लिए वाणिज्यिक बैंकों को गारंटी दी जाएगी. संभावित  25 लाख छोटे कर्जदारों तक इसका फायदा पहुंचाने की उम्मीद है. इस स्कीम के तहत लोन आरबीआई की गाइडलाइन्स के हिसाब से दिया जाएगा. (Photo : Getty)

पर्यटन को फिर पटरी पर लाने की योजना
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सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को फिर पटरी पर लाने के लिए एक नई वित्तीय सहायता स्कीम शुरू की है. सरकार ने कोविड से प्रभावित सेक्टर के लिए नई लोन गारंटी स्कीम पेश की है. इसमें हेल्थ सेक्टर को छोड़कर अन्य सेक्टर के लिए दी गई 60,000 करोड़ की क्रेडिट गारंटी दी गई है. इसके तहत कोरोना से प्रभावित पर्यटन क्षेत्र में काम कर रहे लोगों या बिजनेस दोबारा शुरू करने वालों  को वर्किंग कैपिटल लोन या पर्सनल लोन दिया जाएगा.

टूरिस्ट गाइड से लेकर टूरिस्ट कंपनी तक को लोन
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पर्यटन क्षेत्र की योजनाओं के तहत सरकार पर्यटन मंत्रालय या राज्यों के स्तर पर रजिस्टर्ड 10,700 क्षेत्रीय टूरिस्ट गाइड को मदद देगी. वहीं 904 ट्रैवल टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स (TTS) को भी लोन मिलेगा. इसमें लोन पर 100% गांरटी सरकार की होगी. योजना के तहत  TTS को 10 लाख तक और टूरिस्ट गाइड 1 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं. 

विदेशी टूरिस्टों को फ्री वीजा
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विदेशी पर्यटकों को देश में वापस बुलाने के लिए सरकार पर्यटन वीजा फ्री करने जा रही है. कोरोना काल में पर्यटन वीजा की अनुमति मिलने के बाद 5 लाख लोगों को ही ये फ्री वीजा दिए जाएंगे. इसका सरकारी खजाने पर कुल बोझ करीब 100 करोड़ रुपये पड़ेगा. (File Photo)

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विस्तार
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सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विस्तार 31 मार्च 2022 तक कर दिया है. इस योजना के तहत 1000 कर्मचारियों तक की स्ट्रेंथ वाली कंपनियों में पीएफ के लिए नियोक्ता और एम्प्लॉई दोनों का हिस्सा केन्द्र सरकार भरेगी. जबकि 1000 से अधिक एम्प्लॉई वाली कंपनियों में पीएफ के लिए एम्प्लॉई का हिस्सा यानी 12% सरकार वहन करेगी.

बच्चों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
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कोविड की तीसरी लहर का असर बच्चों  पर ज्यादा पड़ने की संभावना है. ऐसे में सरकार ने थर्ड वेब की तैयारी करते हुए पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर 23,220 करोड़ रुपये खर्च करेने की योजना बनाई है. ये राशि 31 मार्च 2022 तक खर्च की जानी है. इसमें मुख्य जोर बच्चाों के लिए विशेष तौर पर पीडियाट्रिक केयर और पीडियाट्रिक बेड बनाने पर दिया जाएगा. वहीं बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने पर भी फोकस होगा.

किसानों के लिए अतिरिक्त सब्सिडी
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसानों को डीएपी और पीएंडके उवर्रकों के लिए मिलने वाली सब्सिडी में सरकारर 14,775 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि देगी. इसमें डीएपी के लिए दी जाने वाली 9,125 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी शामिल है. वहीं एनपीके बेस्ड उवर्रकों के लिए 5,650 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. हालांकि इसकी घोषणा सरकार पहले ही कर चुकी है. (Photo : Reuters)

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार
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सरकार ने कोरोना काल में गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को आगे बढ़ा दिया है. हालांकि इस योजना के विस्तार की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले कर चुके हैं. लेकिन वित्त मंत्री ने आज इसे भी राहत पैकेज का हिस्सा बताया. गरीबों के लिए ये मुफ्त अनाज योजना अब मई 2021 से नवंबर 2021 तक चलेगी. इसके ऊपर सरकार का अब तक का कुल खर्च 2,27,841 करोड़ रुपये होगा. (Photo : PTI)