चीनी मुद्रा यूआन में अवमूल्यन का भारत के कपड़ा और परिधान निर्यात पर विपरीत असर पड़ेगा. भारत पहले से ही वैश्विक बाजारों में नरमी के कारण धीमी वृद्धि दर का सामना कर रहा है.
आर के डालमिया ने एक बयान में कहा, 'चीन द्वारा अचानक अपनी मुद्रा यूआन का अवमूल्यन किये जाने से देश के कपड़ा और परिधान निर्यात पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा जो वैश्विक बाजारों में नरमी के कारण पहले से धीमी वृद्धि दर का सामना कर रहा है.'
गौरतलब है कि चीन के केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को अपनी मुद्रा में 2 प्रतिशत का किया था. वैश्विक निर्यात में गिरावट हो रही है. वैश्विक मांग में कमी से निर्यात आधारित चीनी अर्थव्यवस्था पर दबाव है.
डालमिया ने कहा कि चीनी सरकार, भारत सरकार की तुलना में अपने निर्यात में गिरावट को लेकर ज्यादा संवेदशनशील है क्योंकि उसने अपने निर्यात में गिरावट को थामने के लिये फुर्ती के साथ काम किया और अपनी मुद्रा में अवमूल्यन किया. दूसरी तरफ ने कहा कि हमारी सरकार निर्यात में गिरावट को थामने के लिये सुधारात्मक कदम उठाने में नाकाम रही है.