लोकसभा चुनाव के नतीजे आगामी 23 मई को आने वाले हैं लेकिन इससे पहले भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है. चुनावी नतीजों में राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिका-चीन के बीच तनाव की स्थिति के बीच शेयर बाजार बीते 9 दिन से लगातार लाल निशान पर बंद हो रहा है. करीब 8 साल बाद यह पहली बार है जब बाजार लगातार नौवें दिन पस्त हुआ है.
आंकड़ों की बात करें तो 30 अप्रैल के बाद शेयर बाजार में लगातार 9 दिन गिरावट के साथ बंद हुआ है. 30 अप्रैल को सेंसेक्स 39031 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं, यह 13 मई को 37090 के स्तर पर बंद हुआ. यानी 9 दिन में 1941 अंकों की गिरावट हुई है. वहीं, इस दौरान निफ्टी भी 11748 से टूटकर 11148 के स्तर पर आ गया. निफ्टी की गिरावट करीब 700 अंकों की है, जो बीते 2 महीने का लो लेवल है. शेयर बाजार के इस बुरे हालात के बीच कुल मार्केट कैप 8.56 लाख करोड़ रुपये घटकर 144,52,518.01 करोड़ रुपये रह गया है.
गिरावट की क्या है वजह
राजनीतिक अस्थिरता
शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह राजनीतिक अस्थिरता है. दरअसल, भारतीय लोकसभा के चुनाव परिणाम 23 मई को आने वाले हैं. चुनाव नतीजों को लेकर स्थिति स्पष्ट नजर नहीं आ रही है. राजनीति के पंडितों को लगता है कि स्पष्ट बहुमत की सरकार नहीं बनेगी. ऐसे हालात में निवेशकों में एक डर का माहौल बना हुआ है. आंकड़े बताते हैं कि 3 महीने तक लगातार निवेश करने के बाद मई के शुरुआती 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने बाजार से 3207 करोड़ रुपये की निकासी कर ली है. बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट आगे भी जारी रह सकती है.
अमेरिका-चीन के बीच तनाव
बीते कुछ दिनों से दुनिया के दो ताकतवर देश अमेरिका और चीन आमने-सामने हैं. दरअसल, दोनों देशों के बीच कारोबारी वार्ता विफल हो गई है और हर दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी की वजह से तनाव बढ़ता जा रहा है. इसका असर एशियाई बाजारों पर देखने को मिल रहा है. जापान की निक्केई से लेकर भारतीय शेयर बाजार तक प्रभावित हुआ है. नतीजा यह हुआ है कि बीते 9 कारोबारी दिन से सेंसेक्स और निफ्टी लगातार लाल निशान पर बंद हो रहे हैं.
कंपनियों के नतीजे
शेयर बाजार की गिरावट की एक वजह कंपनियों के नतीजे भी हैं. आरआईएल को छोड़ दें तो टेलिकॉम और बैंकिंग सेक्टर के नतीजे अच्छे नहीं हैं. हालांकि आईटी सेक्टर में मजबूती जरूर है.
रुपये में कमजोरी
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और ट्रेड वार गहराने की आशंका के चलते रुपये में गिरावट देखी जा रही है. सोमवार को रुपया करीब 2 महीने के निचले स्तर पर आ गया और 62 पैसे टूटकर 70.53 के स्तर पर बंद हुआ है. रुपये की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई थी. सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे टूटकर 70.14 के स्तर पर खुला था.