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गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट न हों ब्राजील के राष्ट्रपति, गन्ना किसानों की क्यों है ये मांग

ब्राजील के राष्ट्रपति जायर मेसियस बोलसोनरो इस बार गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट हैं. गन्ना किसानों का एक संगठन इसका विरोध कर रहा है. संगठन का कहना है कि डब्ल्यूटीओ में एक महत्वपूर्ण मसले पर ब्राजील ने भारत का विरोध किया था.

इस बार गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट होंगे ब्राजील के राष्ट्रपति (फोटो: MEA ट्विटर अकाउंट) इस बार गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट होंगे ब्राजील के राष्ट्रपति (फोटो: MEA ट्विटर अकाउंट)

  • ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनरो हैं Republic Day के चीफ गेस्ट
  • गन्ना किसानों का एक संगठन इसका विरोध कर रहा है
  • WTO में एक महत्वपूर्ण मसले पर ब्राजील ने भारत का विरोध किया था

मोदी सरकार ने इस बार 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर होने वाले समारोह के मुख्य अतिथि रूप में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर मेसियस बोलसोनरो को आमंत्रित किया है. गन्ना किसानों का एक संगठन इसका विरोध कर रहा है. संगठन का कहना है कि WTO में एक महत्वपूर्ण मसले पर ब्राजील ने भारत का विरोध किया था.

क्या है विरोध की वजह

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से जुड़ी संस्था ऑल इंडिया सुगरकेन फार्मर्स फेडरेशन (AISFF) ने मोदी सरकार के इस निर्णय की आलोचना की है. संगठन का कहना है कि विश्व व्यापार संगठन (WTO) में ब्राजील ने भारत में गन्ना किसानों के लिए तय होने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य सिस्टम का विरोध किया था.

गौरतलब है कि ब्राजील भी दुनिया का प्रमुख गन्ना उत्पादक देश है. भारत के न्यूनतम समर्थन मूल्य कार्यक्रम का विरोध करते हुए ब्राजील ने कहा था कि यह  WTO के रेगुलेशन के ख‍िलाफ है. AISFF का कहना है कि ब्राजील ने भारत के उचित और पारिश्रमिक कीमत (FRP), राज्य परामर्श कीमत (SAP) और निर्यात सब्सिडी उपाय को चुनौती दी थी जो भारत के गन्ना किसानों के पेट पर लात मारने जैसी बात थी.

ऑस्ट्रेलिया और ग्वाटेमाला के साथ ब्राजील ने  WTO में चुनौती देते हुए कहा था कि गन्ना किसानों के लिए भारत द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी WTO की मान्य सीमा (उत्पादन लागत का 10 फीसदी) से ज्यादा है. भारत सरकार ने 2018-19 में शुगर इंडस्ट्री को करीब 5,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है.

क्या कहा किसान संगठन ने

AISFF के प्रेसिडेंट डी. रविंद्रन ने कहा, 'भारत में गन्ना किसानों को वह कीमत भी नहीं मिल रही है जिसे उचित और पारिश्रमिक कीमत कहा जाता है. गन्ना किसानों का बकाया बढ़ता जा रहा है और यह 24,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है. WTO के नियम यदि भारत के ख‍िलाफ हैं तो भारत सरकार FRP घोष‍ित नहीं कर पाएगी या किसानों को शुगर लॉबी से बचाने के लिए कदम नहीं उठा पाएगी.

गौरतलब है कि ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनरो इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे. पिछले साल नवंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते को जायर बोलसोनरो ने स्वीकार कर लिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्राजील गए थे.

इस दौरान पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनरो के बीच मुलाकात हुई. बोलसोनरो के साथ अपनी बैठक के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस 2020 पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. पिछले साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे.

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