वर्ल्ड बैंक के ग्रुप प्रेसिडेंट डेविड मालपास शुक्रवार को चार दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं. 25 से 28 अक्टूबर की अपनी इस भारत यात्रा में मालपास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे.
इस साल अप्रैल में अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है. मालपास ने 9 अप्रैल, 2019 को विश्व बैंक प्रेसिडेंट का कार्यभार ग्रहण किया था.
आईएएस अधिकारियों को करेंगे संबोधित
इसके अलावा वह सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों, निजी क्षेत्र के प्रमुख लोगों और सिविल सोसाइटी के लोगों से मिलेंगे. वह भारत सरकार के आमंत्रण पर गुजरात भी जाएंगे, जहां वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों को संबोधित करेंगे. यह तीन दिन का कार्यक्रम है जिसमें आईएएस अधिकारियों की कार्यकुशलता को मजबूत करने के लिए उनका संबोधन होगा. भारत में प्रशासन को किस तरह से मजबूत किया जाए इसके बारे में उनका नए ब्यूरोक्रेटस से संवाद होगा.
इसके अलावा मालपास नीति आयोग के एक लेक्चर सीरीज में मुख्य संबोधन करेंगे जिसका विषय भारत के विकास में वित्तीय सेक्टर की भूमिका के बारे में है.
भारत की तारीफ
वर्ल्ड बैंक के ग्रुप प्रेसिडेंट डेविड मालपास ने अपनी इस यात्रा से पहले कहा, 'अतिशय गरीबी को कम करने और बाजारोन्मुख सुधारों को लागू करने के मामले में पिछले तीन दशकों में भारत ने काफी प्रगति की है. मैं प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर सरकार की प्राथमिकताओं की चर्चा करूंगा और इस पर बात करूंगा कि विश्व बैंक किस तरह से अर्थव्यवस्था की तरक्की, गरीबी हटाने और लोगों का जीवन स्तर बढ़ाने में भारत की मदद कर सकता है.'
गौरतलब है कि भारत वर्ल्ड बैंक का एक महत्वपूर्ण पार्टनर है. जुलाई 2018 से जून 2019 के बीच वर्ल्ड बैंक ने भारत को 5.17 अरब डॉलर का कर्ज दिया है.
पिछले हफ्ते ही भारत की तारीफ करते हुए विश्व बैंक (World Bank) ने कहा था कि 1990 के बाद से अब तक भारत अपनी गरीबी दर को आधा करने में सफल रहा है. भारतीय इकोनॉमी ने पिछले 15 वर्षो में सात फीसदी से अधिक की विकास दर हासिल की है.
इससे यहां गरीबी दर कम करने में मदद मिली है और मानवीय विकास में ठोस प्रगति हासिल हुई है. आईएमएफ के साथ मीटिंग से पहले विश्व बैंक ने ग्लोबल डेवलपमेंट में भारत की भूमिका को रेखांकित किया. डेविड मालपास इसी साल विश्व बैंक (World Bank) के 13वें अध्यक्ष बने हैं.