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समुद्र की सुरंग से जाएगी बुलेट ट्रेन, देश में पहली बार होगा ऐसा

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट के तहत भारत की पहली समुंद्र के अंदर के टनल के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं.

बुलेट ट्रेन के लिए बनेगा अंडर सी टनल बुलेट ट्रेन के लिए बनेगा अंडर सी टनल

राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम लिमिटेड (NHSRCL) ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट के तहत अंडर सी टनल (समुंद्र के अंदर के टनल ) के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं. यह भारत का पहला अंडर सी टनल है.  बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए यह टनल 7 किलोमीटर में बनाया जाएगा. यह टनल ठाणे क्रीक इलाके में होगा.

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक NHSRCL ने बीते मंगलवार को भारत के पहले अंडर सी टनल के कंस्‍ट्रक्‍शन के लिए टेंडर नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक टनल प्रोजेक्‍ट पूरा करने की समयावधि 3.5 साल है. इस दौरान प्रोजेक्‍ट को पूरा करना होगा. वहीं बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट की डेडलाइन 2022 है.    

हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी के इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट के लिए जमीन अधिग्रहण एक बड़ी बाधा बनी हुई है. दरअसल, गुजरात और महाराष्‍ट्र के कई गांवों में जमीन अधिग्रहण का विरोध हो रहा है. बीते दिनों यह खबर आई थी कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में शामिल गुजरात और महाराष्ट्र में किसान अपनी जमीन के लिए अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं. इस मुआवजे के अलावा दोनों राज्यों में किसानों ने जमीन देने के लिए शर्त रखी है कि सरकार इन इलाकों में सामान्य सुविधाओं के साथ-साथ साझा तालाब, स्कूल, सोलर लाइट समेत गांव स्तर पर हॉस्पिटल और डॉक्टर की व्यवस्था भी सुनिश्चित करे.

बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद रूट के 1 लाख करोड़ रुपये के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट के लिए भारत ने जापान से 88 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. जापान ने यह कर्ज 0.1 फीसदी की मामूली ब्याज दर पर 50 सालों के लिए दिया है. इसके अलावा बचा हुआ 20,000 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार योजना में लगाएगी.

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