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अब नहीं मिलेगा 169 रेस्तरां में McDonald बर्गर और फ्रेंचफ्राइज

अमेरिकी बर्गर रेस्तरा कंपनी मैकडोनाल्ड्स की भारतीय इकाई ने अपने लोकल पार्टनर कंपनी कनाट प्लाजा रेस्टॉरेंट लि (सीपीआरएल) के साथ अपना व्यावसायिक करार खत्म कर दिया है. अब देश में दिल्ली समेत उत्तर और ईस्ट भारत में लगभग 169 रेस्तरां बंद हो जाएंगे क्योंकि भारतीय पार्टनर को मैकडोनाल्ड्स रेस्तरां चलाने की अनुमति नहीं रह गई है.

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एक झटके में बंद हुआ बर्गर और फ्रेंचफ्राइज का फूडचेन
एक झटके में बंद हुआ बर्गर और फ्रेंचफ्राइज का फूडचेन

अमेरिकी बर्गर रेस्तरा कंपनी मैकडोनाल्ड्स की भारतीय इकाई ने अपने लोकल पार्टनर कंपनी कनाट प्लाजा रेस्टॉरेंट लि (सीपीआरएल) के साथ अपना व्यावसायिक करार खत्म कर दिया है. अब देश में दिल्ली समेत उत्तर और ईस्ट भारत में लगभग 169 रेस्तरां बंद हो जाएंगे क्योंकि भारतीय पार्टनर को मैकडोनाल्ड्स रेस्तरां चलाने की अनुमति नहीं रह गई है.

यह समझौता दिल्ली सहित उत्तर और पूर्वी क्षेत्र के 169 रेस्त्रां के लिए है. उद्यमी विक्रम बख्शी की अगुवाई वाली सीपीआरएल का मैकडोनाल्ड्स इंडिया से विवाद चल रहा था. इस निर्णय से कुछ सप्ताह पहले सीपीआरएल ने दिल्ली के अपने 43 मैकडोनाल्ड्स रेस्त्रां बंद कर दिए थे क्योंकि स्थानीय नगर निकाय ने मैकडोनाल्ड्स के नाम से चल रही इन दुकानों का लाइसेंस का नवीनीकरण करने से मना कर दिया था.

सीपीआरएल में बक्शी और मैकडोनाल्ड्स इंडिया आधे-आधे की भागीदार हैं. फ्रैंचाइजी समझौता खत्म किए जाने के बाद अब सीपीआरएल को अमेरिकी कंपनी के नाम, उसके व्यावसायिक प्रतीक चिन, डिजाइन और उससे जुड़ी बौद्धिक संपदा का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं रहेगा. ये शर्तें करार खत्म किए जाने के नोटिस के 15 दिन के अंदर लागू हो जाएंगी.

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इस फैसले से जहां अगले कुछ समय तक भारत के बड़े हिस्से से बर्गर और फ्रेंच फ्राई की चेन बंद हो जाएगी वहीं बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार भी हो जाएंगे. गौरतलब है कि बीते एक दशक से अधिक समय से इस भारतीय कंपनी के साथ करार में अमेरिकी कंपनी ने बर्गर और फ्रेंच फ्राइज मार्केट में अपनी साख बना ली थी. इस ब्रांड के टक्कर में जहां कोई भारतीय ब्रांड मौजूद नहीं है वहीं मैकडोनाल्ड्स बंद होने का सीधा फायदा अन्य ग्लोबल चेन जैसे बर्गर किंग, वेन्डी इत्यादि को मिल सकता है.

 

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