देश में ‘गैस ग्रीड’ स्थापित करने पर जोर देते हुए सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह जगदीशपुर-हल्दिया गैस पाइपलाइन पर काम कर रही है जो हिन्दी पट्टी में पहला गैस कॉरिडोर है.
लोकसभा में बंशीलाल महतो, सौगत राय, भतृहरि माहताब के पूरक प्रश्न के उत्तर में रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि प्रस्तावित जगदीशपुर-हल्दिया गैस पाइपलाइन से उत्तरप्रदेश के गोरखपुर, झारखंड के सिंदरी, बिहार के बरौनी और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर और हल्दिया में उर्वरक संयंत्रों को मदद मिलेगी.
मंत्री ने बताया कि एक बार पाइपलाइन परियोजना पूरा होने पर न केवल इससे उर्वरक संयंत्रों को मदद मिलेगी बल्कि इसका लाभ इस्पात संयंत्रों को भी होगा.
अनंत कुमार ने कहा कि वित्त मंत्री के बजट भाषण में गैस ग्रीड का उल्लेख किया गया है और यह नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रमुख सोच है. कोरबा संयंत्र को बहाल करने का आश्वासन देते हुए मंत्री ने कहा कि वह संयंत्र फिर से चालू कराने के प्रयास के तहत स्वयं वहां जायेंगे.
ओडिशा के तालचड़ संयंत्र के बारे माहताब के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसके बारे में दो दौर की वार्ता हुई है और इस वर्ष नवंबर दिसंबर में अच्छी खबर मिल सकती है.
एन के प्रेमचंद्रन के कोच्चि के एफएसीटी उर्वरक संयंत्र के बारे में सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस बारे में पैकेज दिया गया है. सरकार इस बारे में विचार कर रही है.