मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भारत की जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को भी भरोसा है. आईएमएफ ने जी-20 सर्विलांस नोट जारी कर बताया कि 2019 में भारत की जीडीपी 7.3 फीसदी की रफ्तार से ग्रोथ करेगी. इसी तरह साल 2020 में जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा 7.5 फीसदी पर रहने की उम्मीद है. भारत के अलावा साल 2019 में चीन की जीडीपी 6.3 फीसदी रहने का अनुमान है जबकि साल 2020 में यह 6.1 फीसदी रह सकता है.
दरअसल, जापान में 8 और 9 जून को विकसित एवं विकासशील देशों के मंच जी-20 देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर की मीटिंग होने वाली है. इस बैठक में भारत की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल होंगी. बैठक से पहले जी-20 का सर्विलांस नोट तैयार होता है. इस नोट के जरिए जी 20 के देशों की आर्थिक हालत पर मंथन किया जाता है. जी -20 सदस्य देशों में भारत, अर्जेन्टीना, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, मेक्सिको, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं.
वर्ल्ड बैंक को भी उम्मीदIndia's Economy to grow at 7.3% in 2019, 7.5% in 2020: Surveillance note.
Also says, "outlook remains wanting over medium term. G-20 policymakers cannot be content with rates of growth, which—in per capita terms—remain below historical averages for many countries..."
— Geeta Mohan گیتا موہن गीता मोहन (@Geeta_Mohan)
इससे पहले वर्ल्ड बैंक ने भी चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद जाहिर की है. वर्ल्ड बैंक के मुताबिक आने वाले दो साल तक जीडीपी ग्रोथ 7.5 फीसदी के आंकड़े पर ही रहने का अनुमान है. हालांकि चीन की रफ्तार अगले तीन सालों में लगातार कम होती चली जाएगी. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2021 तक चीन की तुलना में 1.5 फीसदी अधिक रफ्तार से बढ़ रहा होगा. वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक 2020 में 6.1 फीसदी और 2021 में इसकी गति 6 फीसदी तक सिमट जाएगी. बता दें कि 2018 में चीन की रफ्तार 6.6 फीसदी रही, जो 2019 में 6.2 फीसदी रह जाएगी.
पाकिस्तान का क्या हाल
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के जीडीपी को लेकर पूर्वानुमान में 0.2 फीसदी की कटौती की है. हालांकि साल 2020 में पाकिस्तान के जीडीपी का स्तर 7 फीसदी के आंकड़े को टच कर सकता है. साल 2021 में पाकिस्तान की जीडीपी का यह आंकड़ा 7.1 फीसदी तक रहने का अनुमान है. इस हिसाब से देखें तो यह चीन की जीडीपी से कहीं अधिक है.