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मोदी को मनमोहन का वित्त'मंत्र'- एक रात में नहीं सुलझेगी बैंकिंग सेक्टर की समस्या

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश का बैंकिंग सेक्टर गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है. मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए बैंकिंग क्षेत्र को पूरी ओवरहॉलिंग की जरूरत है. इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा मौजूदा समय में महज सरकारी बैंक ही सरकार के लिए चुनौती नहीं है. देश का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक भी गंभीर समस्याओं में घिरा है.

पीएम मोदी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ(फाइल फोटो) पीएम मोदी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ(फाइल फोटो)

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश का बैंकिंग सेक्टर गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है. मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए बैंकिंग क्षेत्र को पूरी ओवरहॉलिंग की जरूरत है. इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा मौजूदा समय में महज सरकारी बैंक ही सरकार के लिए चुनौती नहीं है. देश का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक भी गंभीर समस्याओं में घिरा है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि बैंकिंग सुधार को रातो-रात अंजाम नहीं दिया जा सकता. इसमें लंबा वक्त लगता है, लेकिन केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह सुधार की दिशा में दृढसंकल्प के साथ आगे बढ़े. केन्द्र सरकार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वह बैंक घोटाले में लिप्त लोगों को सजा दिलाए और उन्हें किसी हालत में भागने न दिया जाए.

इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संसद को सुचारू रूप से चलाए और प्रत्येक सत्र में संसद के काम काज को सामान्य तौर पर पूरा करने की कोशिश करे. वहीं मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि मौजूद सरकार संसद को सुचारू रूप से चलाने में विफल रही है. संसद में कानून बनाने का मुद्दा हो या फिर बजट से जुड़े मुद्दे केन्द्र सरकार ने उन्हें गंभीरता के साथ नहीं लिया.

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पूर्व प्रधानमंत्री ने खुद पर कार्यकाल के दौरान मूक रहने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह लंबे समय तक इन आरोपों को झेलते रहे हैं. मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रहे बलात्कार के मामले में केन्द्र सरकार को चुप नहीं बैठना चाहिए. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को आज उस सलाह पर खुद अमल करना चाहिए जो वह मेरे कार्यकाल के समय मुझे देते थे. देश के हालात पर प्रधानमंत्री का चुप रहना ठीक नहीं है.

सिंह ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान निर्भया मामले में उनकी सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए जस्टिस वर्मा के नेतृत्व में समिति का गठन किया. वहीं निर्भया की सिगापुर में मृत्यु हो जाने के बाद सोनिया गांधी समेत उन्होंने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर परिवार के साथ खड़े हुए.

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