अब अगर आप फ्लाइट के लिए एयरपोर्ट जाएंगे तो आपको बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. दरअसल, एयरपोर्ट पर किसी भी सूचना के बारे जानकारी देने के लिए सबसे पहले लोकल लैंग्वेज (स्थानीय भाषा) में अनाउंसमेंट होगा. इसके बाद वही सूचना हिंदी और अंग्रेजी में अनाउंस करनी होगी. इस बारे में नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने निर्देश जारी किया है.
अधिकारियों के मुताबिक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने अपने नियंत्रण वाले सभी एयरपोर्ट को निर्देश दिया है कि वे पहले स्थानीय भाषा में कोई सार्वजनिक घोषणा करेंगे और उसके बाद हिंदी और अंग्रेजी में. मंत्रालय की ओर से प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर को भी इस निर्देश का पालन करने को कहा गया है. हालांकि यह निर्देश ऐसे साइलेंट (शांत) एयरपोर्ट पर लागू नहीं होगा, जहां पहले से ही अनाउंसमेंट नहीं की जाती है. बता दें कि एएआई ने 2016 में भी इस संबंध में सर्कुलर जारी किया था.
क्या होगा फायदा
बदले नियम का फायदा उन लोगों को सबसे ज्यादा मिलेगा जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों नहीं समझ पाते हैं. अब तक दिक्कतें उन लोगों को हो रही थी जो लोकल लैंग्वेज में कम्युनिकेशन करना पसंद करते थे. ऐसे लोगों को अंग्रेजी और हिंदी समझने में मुश्किलें आती थीं. बता दें कि देश में 100 से अधिक एयरपोर्ट परिचालन में हैं.
10 साल में 100 एयरपोर्ट बनाने की योजना
हाल ही में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया था कि आज पूरे देश में एयर कनेक्टिविटी पर सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा था कि 10 साल में 100 एयरपोर्ट बनाएंगे और इसके इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम चल रहा है. इसके अलावा एयरपोर्ट पर फेस रिकग्निशन पर भी काम हो रहा है जिससे एयरपोर्ट पर चेहरे से ही आदमी के बारे में जानकारी मिल जाएगी. इसके साथ ही एयरप्लेन में वाईफाई की भी सुविधा सरकार जल्द लाएगी.