scorecardresearch
 

अर्थव्यवस्था को चाहिए कम से कम 200 अरब डॉलर का प्रोत्साहन: एसोचैम

उद्योग चैंबर एसोचैम ने कहा है कि अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण सबसे गहरी वैश्विक मंदी को विफल करने के लिए एक प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत है.

Advertisement
X
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एसोचैम की सलाह
भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एसोचैम की सलाह

  • अगले 3 महीनों में 50-100 अरब डॉलर एकमुश्त नकद की आवश्यकता
  • जीएसटी में 3 महीने के लिए 50% कम करने पर विचार करना चाहिए

उद्योग चैंबर एसोचैम ने कहा है कि अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण सबसे गहरी वैश्विक मंदी को विफल करने के लिए एक प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत है.

एसोचैम ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए कम से कम 200 अरब डॉलर की प्रोत्साहन राशि की आवश्यकता है. अगले 3 महीनों में 50-100 अरब डॉलर एकमुश्त नकद की आवश्यकता है, यह नकदी नौकरियों और आय के नुकसान की भरपाई करने के लिए होगी. एसोचैम ने यह भी कहा है कि सरकार को जीएसटी में 3 महीने के लिए 50% और वित्तीय वर्ष के लिए 25% कम करने पर विचार करना चाहिए.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक सिफारिशी पत्र में एसोचैम के अध्यक्ष डॉ निरंजन हीरानंदानी ने COVID-19 महामारी के खिलाफ देशव्यापी लड़ाई के मद्देनजर अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई कड़े उपायों का सुझाव दिया है.

Advertisement

इसे पढ़ें: आयकर विभाग को 5 लाख तक का रिफंड तुरंत रिलीज करने का आदेश, 14 लाख लोगों को फायदा

अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए एसोचैम की सिफारिश

चैंबर ने कहा है कि दुनिया की अधिकांश अर्थव्यवस्थाएं अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 10 प्रतिशत का प्रोत्साहन दे रही हैं. इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को 200 अरब डॉलर से अधिक की जरूरत होगी ताकि अगले 12-18 महीनों में अर्थव्यवस्था 300 बिलियन डॉलर से आगे जाने की क्षमता बनाए रखे. अगले तीन महीनों में अर्थव्यवस्था में 50 से 100 अरब डॉलर की नकदी डालने की जरूरत होगी ताकि नौकरियों और आय में हुए नुकसान की भरपाई की जा सके.

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन में राज्यों को न होने पाए कैश की तंगी, रिजर्व बैंक ने दी बड़ी राहत

नकदी संकट सबसे बड़ी समस्या

डॉ. हीरानंदानी ने कहा कि इस तरह का प्रोत्साहन व्यवसायों और कामगारों को चुनौतीपूर्ण स्थिति में काम करते रहने में मदद करेंगे. उन्होंने कहा, 'यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि हम तीन उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ें- कर्मचारियों और श्रमिकों को डायरेक्ट ट्रांसफर के माध्यम से सीधी मदद, नियोक्ताओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करके कि कंपनियों के पास मंदी से बचने के लिए पर्याप्त नकदी हो और अंतिम, राजकोषीय और आयकर संबंधी उपायों से मांग और निवेश को प्रोत्साहित किया जाए.'

Advertisement

एसोचैम ने यह भी सिफारिश की है कि सरकार को जीएसटी में 3 महीने के लिए 50% और वित्तीय वर्ष के लिए 25% कम करने पर विचार करना चाहिए.

Advertisement
Advertisement