लाकडाउन 3 में ई-कॉमर्स कंपनियों को गैर जरूरी सामान की भी होम डिलिवरी की इजाजत दे दी गई है. लेकिन इसमें कई तरह की समस्याएं भी हैं. Amazon-flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां रेड जोन में गैर जरूरी सामान की डिलीवरी नहीं कर पाएंगी.
रेड जोन के अलावा बाकी जोन में एमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने ऑर्डर लेने शुरू कर दिए हैं. गौरतलब है कि दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु, अहमदाबाद जैसे कई बड़े शहर रेड जोन में रखे गए हैं.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
क्या होगा रेड जोन में
सरकार ने कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए पूरे देश को ग्रीन, ऑरेंज और रेड, तीन तरह के जोन में बांटा है. इस तरह लंबे अंतराल के बाद अब आप एमेजॉन आदि से मोबाइल, टीवी, फ्रिज, एसी आदि का ऑर्डर कर पाएंगे. लेकिन रेड जोन में रहने वाले लोग अगर इन सामान का ऑर्डर करने की कोशिश करते हैं तो पहले ही आपको नॉट डिलिवरेबल का मैसेज दिख जाएगा.

तैयार हैं ई-कॉमर्स कंपनियां
ई-कॉमर्स कंपनियां सभी तरह के सामान पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मुस्तैद होकर डिलिवरी के लिए तैयार हैं. कई तरह के सामान के लिए कॉन्टैक्टलेस डिलिवरी की व्यवस्था की गई है, जिसमें डिलिवरी एजेंट सामान घर के बाहर ही रखकर जाएगा.
ई-कॉमर्स उद्योग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन विक्रेताओं का केवल एक छोटा वर्ग ही चार मई से गैर-जरूरी सामान बेचने में सक्षम हो पाएगा क्योंकि कई राज्यों ने अभी तक ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अपने दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं और बड़ी संख्या में विक्रेता रेड जोन में हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को लॉकडाउन दो सप्ताह बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन साथ ही कहा था कि ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन में कुछ छूट दी जाएगी.
ई-कॉमर्स क्षेत्र के एक बड़े अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि लॉकडाउन के तीसरे चरण में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए केंद्र के दिशानिर्देश आ गए हैं, लेकिन केवल कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों ने अपने दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में स्पष्टता की कमी के कारण ई-कॉमर्स कंपनियों को पूरी तरह अपना कामकाज शुरू करने में कठिनाई हो सकती है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
सेलर ग्रीन जोन में और गोदाम रेड जोन में
इसके अलावा एक दिक्कत यह है कि कई ई-कॉमर्स कंपनियों के विक्रेता या तो रेड जोन में हैं या उनके गोदाम रेड जोन में स्थित हैं. अधिकारी ने बताया कि इन इलाकों में संचालन स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों पर निर्भर करेगा. ई-कॉमर्स कंपनियां और कई उपभोक्ता संगठन सरकार से अनुरोध करते रहे हैं कि कोविड-19 महामारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और चार्जर के साथ ही गर्मियों के कपड़ों जैसी वस्तुओं को जरूरी उत्पादों में शामिल किया जाए, ताकि लोगों को घर से बाहर न निकलना पड़े.
दिल्ली जैसे शहरों में यह नहीं हो पाएगा जो कि रेड जोन में हैं. रेड जोन के लोग पहले की तरह सिर्फ जरूरी सामान की ऑनलाइन डिलिवरी ले पाएंगे.