क्या कोलकाता का रियल एस्टेट बाजार निवेश का नया हॉटस्पॉट बन रहा है. नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, नई लॉन्चिंग और बढ़ती कीमतों के बीच कोलकाता का 'इन्वेंट्री लेवल' साल दर साल कम हो रहा है, जो शहर के हाउसिंग मार्केट के लिए एक शुभ संकेत है.
साल 2026 की पहली तिमाही में कोलकाता के हाउसिंग मार्केट में बिक्री में सालाना आधार पर 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कुल बिक्री 4,043 यूनिट्स तक पहुंच गई है. कोलकाता का यह प्रदर्शन देश के हाउसिंग मार्केट से बेहतर रहा, जहां इसी अवधि के दौरान आठ प्रमुख शहरों की कुल बिक्री में 4% की गिरावट देखी गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2026 की पहली तिमाही के दौरान कोलकाता में 3,475 नई हाउसिंग यूनिट्स लॉन्च की गईं. शहर में घरों की कीमतों में भी लगातार बढ़त देखी गई, जहां औसत आवासीय कीमतें सालाना 3% बढ़कर ₹5,937 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गईं, जो कि Q1 2025 में ₹5,748 प्रति वर्ग फुट थीं.
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किफायती घरों की मांग सबसे अधिक
कोलकाता में ₹50 लाख और उससे कम कीमत वाले घरों की मांग सबसे ज्यादा बनी हुई है. कुल आवासीय बिक्री में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी 37% रही, जहां इस तिमाही के दौरान 1,514 यूनिट्स बेची गईं. हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इसमें 5% की वार्षिक गिरावट दर्ज की गई है. इसके बाद ₹50 लाख से ₹1 करोड़ की श्रेणी का नंबर आता है, जिसमें 1,465 यूनिट्स की बिक्री हुई. इस सेगमेंट ने सालाना आधार पर 8% की शानदार बढ़त दर्ज की और कुल लेनदेन में 36% का योगदान दिया.
लक्जरी और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट के प्रति भी खरीदारों का आकर्षण बढ़ा है. ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ की श्रेणी में बिक्री में 163% का जबरदस्त उछाल देखा गया और 50 यूनिट्स बेची गईं. वहीं, ₹10 करोड़ से ₹20 करोड़ की कीमत वाले घरों की श्रेणी में इस तिमाही के दौरान 13 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई.
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भी कुल बिक्री में 37% हिस्सेदारी के साथ दक्षिण कोलकाता ने बाजार में अपना दबदबा बनाए रखा. बेहतरीन सामाजिक बुनियादी ढांचे और बेहतर होती मेट्रो कनेक्टिविटी की वजह से यह क्षेत्र खरीदारों की पहली पसंद बना हुआ है. सोनारपुर, जादवपुर और बेहाला जैसे 'माइक्रो-मार्केट्स' अपनी किफ़ायती दरों और सुगम पहुंच के चलते सबसे पसंदीदा इलाके रहे.
दूसरी ओर, राजारहाट ने शहर की कुल बिक्री में 25% का योगदान दिया. बिजनेस हब से नजदीकी और मिड-सेगमेंट से लेकर प्रीमियम आवासीय विकल्पों की मौजूदगी ने यहां की मांग को मजबूती दी है. नाइट फ्रैंक के अनुसार, राजारहाट में यह बढ़त "सुनियोजित और रणनीतिक रूप से जुड़े उपनगरीय क्षेत्रों की बढ़ती मांग को दर्शाती है.
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