scorecardresearch
 

आप भी बन सकते हैं शॉपिंग मॉल और IT पार्क्स के 'मालिक', जानें REITs के जरिए कमाई का ये 'सीक्रेट' फॉर्मूला

शॉपिंग मॉल, आईटी पार्क और बड़े कॉरपोरेट ऑफिस… इन्हें हमेशा बड़े बिल्डर्स और अरबपतियों की संपत्ति माना जाता रहा है. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. रियल एस्टेट में निवेश का एक ऐसा रास्ता खुल चुका है, जिसमें करोड़ों रुपये लगाए बिना भी आप इन प्राइम कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ के हिस्सेदार बन सकते हैं.

Advertisement
X
बिना प्रॉपर्टी खरीदे उठाएं किराए का आनंद (Photo: Pixabay)
बिना प्रॉपर्टी खरीदे उठाएं किराए का आनंद (Photo: Pixabay)

रियल एस्टेट में निवेश कर मुनाफा कमाना हमेशा से भारतीयों की पहली पसंद रहा है,लेकिन लगातार आसमान छूती कीमतों की वजह से एक आम निवेशक के लिए प्राइम कमर्शियल प्रॉपर्टी (जैसे बड़े आईटी पार्क या शॉपिंग मॉल) का हिस्सा बनना नामुमकिन सा लगता था, हालांकि,पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार में REITs (Real Estate Investment Trusts) के आगमन ने इस पूरी तस्वीर को बदल दिया है. वर्तमान में भारत में लगभग $8.5 बिलियन की संपत्ति REITs के तहत प्रबंधित की जा रही है, जो छोटे निवेशकों के लिए संपत्ति बनाने का एक क्रांतिकारी रास्ता खोलती है.

क्या है REITs और यह कैसे काम करता है?

REITs एक म्यूचुअल फंड की तरह काम करते हैं, जो निवेशकों से पैसा इकट्ठा करते हैं और उसे ऐसी व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश करते हैं जिनसे किराया मिलता है. ये प्रॉपर्टीज आमतौर पर ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस, टेक पार्क और मॉल होती हैं. इन बिल्डिंग्स से आने वाले किराए का एक बड़ा हिस्सा लाभांश के रूप में निवेशकों को बांट दिया जाता है. इस मॉडल की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि इसमें आपको प्रॉपर्टी की देखभाल, किराएदार ढूंढने या कानूनी कागजी कार्रवाई का बोझ नहीं उठाना पड़ता.

यह भी पढ़ें: रियल एस्टेट में टूटा रिकॉर्ड, ऑफिस सेक्टर में निवेश हुआ दोगुना, बेंगलुरु-मुंबई में जमकर बरसा पैसा

REITs में निवेश करने पर आपको दोहरी कमाई का मौका मिलता है. सबसे पहले, SEBI के नियमों के अनुसार, REITs के लिए अपनी शुद्ध आय का कम से कम 90% हिस्सा निवेशकों को वितरित करना अनिवार्य है. यह आय आपको नियमित अंतराल पर डिविडेंड या ब्याज के रूप में मिलती है. दूसरा फायदा 'पूंजीगत लाभ' (Capital Appreciation) का है. जैसे-जैसे प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू और किराया बढ़ता है, शेयर बाजार में आपकी लिस्टेड यूनिट्स की कीमत भी बढ़ती है। इस तरह, आप बिना प्रॉपर्टी खरीदे उसके दाम बढ़ने का लाभ उठा पाते हैं.

Advertisement

अगर आप आज मुंबई या बेंगलुरु जैसे शहरों में एक छोटा सा ऑफिस भी खरीदना चाहें, तो आपको करोड़ों रुपये और भारी स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होगी. इसके विपरीत, REITs में आप मात्र ₹300 से ₹500 की एक यूनिट खरीदकर निवेश शुरू कर सकते हैं. इसमें 'लिक्विडिटी' का बड़ा फायदा है.भौतिक संपत्ति को बेचने में महीनों लग सकते हैं, लेकिन REIT यूनिट्स को आप शेयर बाजार में कभी भी बेचकर अपना पैसा वापस निकाल सकते हैं. इसके अलावा, यहां आपके किराएदार गूगल, टीसीएस और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियां होती हैं, जिससे किराए की आय बेहद स्थिर और सुरक्षित रहती है.

यह भी पढ़ें: छुट्टियां भी और कमाई भी, कैसे डेस्टिनेशन होम से हर महीने मिल सकता है लाखों का किराया

कैसे बनें इसका हिस्सा?

REITs में निवेश करने की प्रक्रिया बेहद सरल और डिजिटल है, इसके लिए आपके पास सिर्फ एक 'डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट' होना चाहिए. आप अपने ब्रोकिंग ऐप (जैसे Zerodha, Groww या ICICI Direct) पर जाकर लिस्टेड REITs को सर्च कर सकते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार यूनिट्स खरीद सकते हैं. $8.5 बिलियन के इस बढ़ते मार्केट कैप में हिस्सेदारी लेना न केवल पोर्टफोलियो में विविधता लाता है, बल्कि भविष्य के लिए एक स्थिर आय का स्रोत भी तैयार करता है.

Advertisement

REITs भविष्य के निवेश का आधुनिक तरीका हैं, लेकिन किसी भी निवेश की तरह इसमें भी बाजार जोखिम शामिल होते हैं. निवेश से पहले उस विशेष REIT की 'ऑक्यूपेंसी रेट' (Occupancy Rate) और उसके पोर्टफोलियो की गुणवत्ता की जांच करना जरूरी है. बाजार विशेषज्ञों और विश्वसनीय फाइनेंशियल पोर्टल्स के माध्यम से यह जरूर ट्रैक करें कि उस साल कंपनी ने कितना डिविडेंड दिया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement