ट्रंप प्रशासन ने एक अमेरिकी अदालत को बताया है कि H4 वीजा धारकों के वर्क परमिट पर रोक लगाने पर फैसले तीन महीने के अंदर ले लिया जाएगा. अमेरिका के इस फैसले से सबसे ज्यादा भारतीय अमेरिकी प्रभावित होंगे. (Photo: getty)
एच4 वीजा एच-1बी वीजा धारकों के परिजन (पत्नी-पति और 21 साल से कम आयु के बच्चों) को दिया जाता है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासनकाल के इस नियम का सबसे ज्यादा लाभ भारतीय अमेरिकियों मिला था. नियम के प्रभावी होने से सबसे ज्यादा असर भारतीय महिलाओं पर पड़ेगा.
आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय (डीएसएच) ने अपने नए हलफनामे में कोलंबिया के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बताया कि वह रोजगार पाने की योग्यता होने की श्रेणी के रूप में एच-1बी गैर आव्रजकों के एच-4 परिजन को हटाने के प्रस्ताव पर ठोस और तेजी से प्रगति कर रहा है. डीएचएस ने कहा कि नए नियम तीन माह के अंदर व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट ऑफ बजट(ओएमबी) को भेज दिए जाएंगे. (Photo: getty)
मंत्रालय ने अदालत से अनुरोध किया कि तब तक वह ‘सेव जॉब्स यूएस’ की ओर से दाखिल वाद पर अपने आदेश को स्थगित कर दे. ‘सेव जॉब्स यूएस’ अमेरिकी कर्मचारियों का संगठन है जिसका दावा है कि सरकार की इस प्रकार की नीति से उनकी नौकरियों पर असर पड़ा है. ओबामा प्रशासन के दौरान यह नीति तैयार की गई थी. (Photo: getty)
ट्रंप प्रशासन फिलहाल एच-1बी वीजा पॉलिसी की समीक्षा कर रहा है. उसका मानना है कि कंपनियां अमेरिकी कर्मचारियों के स्थान पर दूसरे को नौकरियां देने के लिए इस नीति का दुरुपयोग कर रही हैं. (Photo: getty)
ट्रंप प्रशासन सार्वजनिक तौर पर यह कह चुका है और अदालत में अवेदन में भी
उसने स्पष्ट कहा है कि वह एच4 वीजा धारकों के वर्क परमिट को हटाना चाहता
है. ट्रंप प्रशासन ने ऐसे नियम सुझाए हैं जिसके तहत अगर प्रवासी नागरिक
चिकित्सा सहायता, फूड स्टाम्प, आवास वाउचर्स और अन्य तरह की सरकारी सहायता
का फायदा उठाते हैं तो उन्हें ग्रीन कार्ड देने से इनकार किया जा सकता है. (Photo: getty)
नियम के मुताबिक ऐसे प्रवासी जो अपनी स्थिति या वीजा में बदलाव कराना चाहते हैं और जिन्होंने आने के लिए आवेदन दिया है, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे किसी भी वक्त सरकारी सहायता नहीं लेंगे. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले का फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, ड्रॉपबॉक्स, याहू और गूगल जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ‘एफडब्लूडीडॉटयूएस’ ने इसका विरोध किया है. (Photo: getty)
क्या है ग्रीन कार्ड
दूसरे देश से आकर अमेरिका में बसे लोगों को वहां काम करने और रहने के लिए एक कार्ड बनाया जाता है, जिसे यूनाइटेड स्टेट्स पर्मानेंट रेसिडेंट कार्ड कहा जाता है. पहले इसे एलियन रजिस्ट्रेशन कार्ड भी कहा जाता था. इसके तहत इमिग्रेंट्स को दिए जाने वाले कार्ड का रंग हरा होता है इसलिए यह ग्रीन कार्ड कहा जाता है. जिन लोगों को यह कार्ड मिलता है वो अमेरिका में हमेशा के लिए रह सकते हैं और वहां काम कर सकते हैं. (Photo: getty)
ग्रीन कार्ड के बारे में
ग्रीन कार्ड होल्डर्स शुरुआती वर्षों में अमेरिका में वोट नहीं कर सकते. ग्रीन कार्ड होल्डर्स जब पूरी तरह अमेरिकी नागरिक बन जाते हैं, तभी उन्हें यूएस का पासपोर्ट मिलता है. ग्रीन कार्ड होल्डर्स को अमेरिकी इनकम टैक्स फाइल करना होता है. ग्रीन कार्ड होल्डर्स को अपनी प्राथमिक सिटिजनशिप अमेरिका की रखनी होती है. (Photo: getty)