अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी मोर्चे पर रिश्ते बिगड़ते जा रहे हैं. दोनों देशों ने एक दूसरे के खिलाफ कई प्रोडक्ट पर आयात शुल्क बढ़ा दी है. इस बीच अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी हुवेई को प्रतिबंधित कर दिया है. हुवेई, चीन की बड़ी कंपनी है.अमेरिका के इस फैसले के खिलाफ चीन ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. हुवेई की कमान अभी चीन की महिला मेंग वानझोउ के पास है.
मेंग वानझोउ की वजह से ही अमेरिका और चीन पहले भी भिड़ चुके हैं. दरअसल, बीते दिनों कनाडा में अमेरिका के इशारे पर मेंग वानझोउ की गिरफ्तारी हुई थी. इस वजह से चीन ने कनाडा और अमेरिका
के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. आइए जानते हैं इस महिला और कंपनी के बारे
में..
मेंग वानझोउ, चीन की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी हुवेई टेक्नोलॉजीज की मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और कंपनी के संस्थापक रेन झेंगफेई की बेटी हैं. चीन के कारोबारी रेन झेंगफेई की देश के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मधुर संबंध स्थानीय मीडिया में बेहद चर्चा में रहते हैं.
मेंग वानझोउ ने 1993 में अपने पिता की कंपनी हुवेई को ज्वाइन किया. तब मेंग वानझोउ ने हांगकांग में हुवेई के लिए काम करना शुरू किया. मेंग वानझोउ की लीडरशिप में कंपनी का कारोबार हांगकांग में जबरदस्त तरीके से बढ़ा. 2003 में मेंग वानझोउ ने हुवेई की अगुवाई में ग्लोबली फाइनेंस ऑर्गनाइजेशन बनाया. उन्होंने हुवेई में कई शीर्ष पदों पर काम किया.
अभी की बात करें तो मेंग वानझोउ कंपनी की डिप्टी चेयरमैन और सीएफओ हैं. हुवेई 1.8 लाख कर्मचारियों के साथ चीन की सबसे बड़ी निजी कंपनी है. 2017 में, फोर्ब्स ने चीन की टॉप बिजनेस वूमन की सूची में मेंग को आठवें नंबर पर रखा था.
बीते दिनों मेंग वानझोउ को कनाडा में गिरफ्तार किया गया था. चीनी कंपनी
हुवेई पर अमेरिका ने आरोप लगाया था कि उसने अमेरिकी प्रतिबंध का उल्लंघन
किया है.