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बिजनेस

बढ़ी इस कंपनी की 'लिपस्टिक' की डिमांड, फिर भी हो सकती है दिवालिया

कंपनी पर भारी कर्ज
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दुनिया की मशहूर कॉस्मेटिक्स (Cosmetics) बनाने वाली अमेरिका कंपनी रेवलॉन इंक (Revlon Inc) दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई है. खबरों के मुताबिक कंपनी अगले हफ्ते बैंकरप्सी (Bankruptcy) के लिए आवदेन दाखिल कर सकती है. शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई. इसकी वजह से कंपनी पर दबाव बढ़ा है. लिपस्टिक बनाने वाली ये कंपनी कर्ज के बोझ तले दबी है, जिसकी वजह से वो दिवालिया होने के कगार पहुंच गई है.

सप्लाई चेन की समस्या
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खबरों की माने तो कंपनी अपने कर्जदारों से अपने कारोबार को बचाने के लिए बातचीत कर रही है. कंपनी पर 3.31 अरब डॉलर का कर्ज था. कोविड के चलते लॉकडाउन के खत्म होने के बाद कंपनी के प्रोडक्ट की मांग में तेजी आई है, लेकिन रेवलॉन इंक सप्लाई चेन की समस्या जूझ रही है. इसकी वजह से वो अपने प्रोडक्ट को ग्राहकों तक नहीं पहुंचा पा रही है. इसके अलावा कंपनी को कॉस्मेटिक्स कंपनियों से तगड़ी चुनौती मिल रही है.

कंपनी के शेयर में गिरावट
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मार्च में कंपनी ने कहा था कि उसे सप्लाई चेन की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसकी वजह से वो मांग पूरा नहीं कर पा रही है. खबरों के मुताबिक, रेवलॉन बैंकरप्सी आवेदन से पहले अपने कर्जदारों से ब्याज को कम करने के लिए बातचीत कर रही है. कंपनी के शेयर में 46 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है.

कंपनी का कई देशों में बिजनेस
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रेवलॉन इंक की ओनरशिप अरबपति कारोबारी Ron Perelman की कंपनी MacAndrews & Forbes के पास है. रेवलॉन के पास 15 से अधिक ब्रांड हैं, जिनमें एलिजाबेथ आर्डेन और एलिजाबेथ टेलर शामिल हैं. कंपनी दुनिया के 150 देशों में अपने प्रोडक्ट बेचती है.

बदल सकती है ओनरशिप
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इस कॉस्मेटिक्स कंपनी के ऊपर 3 अरब डॉलर से अधिक का लॉन्ग टर्म लोन है. कर्जदारों ने ब्याज दर में कटौती कर कंपनी को राहत दी थी. पिछले साल कंपनी ने 248 मिलियन डॉलर की रकम ब्याज के रूप में चुकाई थी. कहा जा रहा है कि कंपनी के इक्विटी ओनरशिप में बदलाव हो सकता है.

छोटी कंपनियां दे रही हैं टक्कर
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रेवलॉन इंक को Estee Lauder Cos. और दूसरी छोटी कंपनियां तगड़ा कंपटिशन दे रही हैं. ये कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रही हैं. दूसरी तरफ रेवलॉन इंक की मांग के बावजूद अपने प्रोडक्ट को लोगों तक नहीं पहुंचा पा रही है.