आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) के शेयर में शुक्रवार को तेजी देखने को मिली. कंपनी के शेयर तीन फीसदी चढ़कर 385 रुपये के आंकड़े के पार पहुंच गए. ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि 12,000 करोड़ रुपये के शेयर बॉयबैक (Stock Buyback) की घोषणा के चलते स्टॉक को सपोर्ट मिल सकता है. विप्रो के लिए मार्च तिमाही के नतीजे सुस्त रहे हैं और जून की तिमाही के लिए स्थितियां कमोजर नजर आ रही हैं. एक ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि विप्रो की मार्च तिमाही के नतीजों में एकमात्र पॉजिटिव बात ये रही है कि उसे बड़ी डील मिली है.
बॉयबैक से मिल सकता है सपोर्ट
आईडीएफसी सिक्योरिटीज ने अपने नए नोट में कहा कि बायबैक के कारण शेयर की कीमत को शॉर्ट टर्म में सपोर्ट मिल सकता है. निर्मल बंग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज, जिसकी विप्रो पर 'सेल' रेटिंग है. उसने कहा कि यह उम्मीद है कि बायबैक तत्काल अवधि में स्टॉक को समर्थन प्रदान करेगा. यह ब्रोकरेज फर्म मान रहा है कि सितंबर तिमाही में कंपनी स्टॉक बायबैक करेगी. विप्रो ने मौजूदा मार्केट प्राइस के लिए 18.7 फीसदी प्रीमियम पर 445 रुपये प्रति शेयर की दर से 12,000 करोड़ रुपये के बायबैक की घोषणा की है. बायबैक में कुल बकाया शेयरों का 4.9 फीसदी शामिल है.
स्टॉक को मिल सकती है स्थिरता
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कहा कि शॉर्ट टर्म में बायबैक शेयर की कीमत को स्थिरता प्रदान कर सकता है. एचडीएफसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि शॉर्ट टर्म में पॉजिटिव ट्रिगर्स की कमी है और बायबैक वैल्यूएशन को कम करता है. फर्म ने कहा कि बड़ा बाय-बैक प्रोग्राम कंपनी के नकदी और निवेश के महत्वपूर्ण हिस्से को समाप्त कर शेयर 3 फीसदी की तेजी के साथ 385 रुपये के आंकड़े को पार कर गया.
विप्रो का मुनाफा घटा
मार्च की तिमाही में विप्रो का कंसोलिडेटेड मुनाफा वर्ष-दर-वर्ष (YoY) आधार पर 0.4 फीसदी गिरकर 3,074.50 करोड़ रुपये हो गया, जो कि एक साल पहले की तिमाही में 3,087.30 करोड़ रुपये था. मार्च की तिमाही में सेल्स में 11.17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो बढ़कर 23,190.30 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.
आठ साल में कई बार बायबैक
मार्च तिमाही के नतीजों के बाद विप्रो ने जिस 12,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक की घोषणा की है, उसका आकार बहुत बड़ा है. साल 2016 के बाद से विप्रो के चार बायबैक के वैल्यूएशन को देखें, तो इन आठ वर्षों में इसकी कीमत 45,500 करोड़ रुपये है. विप्रो ने इससे पहले 2020 में 9,500 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक की घोषणा की थी. कंपनी ने 400 रुपये की दर से 23.75 करोड़ शेयर वापस खरीदे थे. ऐस इक्विटी के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आईटी प्रमुख ने 21 जनवरी 2021 को शेयरों की निकासी पूरी होने की जानकारी दी थी.
बायबैक के साथ बांटे हैं बोनस
विप्रो ने साल 2019 में 10,500 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक का ऐलान किया था. बायबैक ऑफर का साइज 32.31 करोड़ के शेयरों का था, जिसे 325 रुपये प्रति शेयर पर खरीदा गया था. विप्रो ने साल 2017 में 11,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक की घोषणा की थी. उस समय कंपनी ने 320 रुपये प्रति शेयर पर 34.37 करोड़ शेयर वापस खरीदने की पेशकश की थी.
विप्रो साल 2016 में 2,500 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक के साथ सामने आई थी. कुल 4 करोड़ शेयरों को 625 रुपये प्रति शेयर की दर पर वापस खरीदने की पेशकश की गई थी. इस बीच, विप्रो ने 2017 में 1:1 और 2019 में 1:3 के रेश्यो में बोनस जारी करने का ऐलान किया था.