हवा में उड़ती एक झूठी खबर किसी भी कंपनी के शेयर के समीकरण को पूरी तरह से बदल देती है. जैसे ही किसी कंपनी को लेकर मीडिया में कोई भी खबर आती है, तुरंत उसके शेयरों में खरीदारी या बिकवाली का दौर शुरू हो जाता है. जिस वजह से कुछ निवेशकों को मुनाफा हो जाता है तो वहीं कुछ के हिस्से नुकसान आ जाता है.
इसी को देखते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक नया कानून बनाया है, जिसके तहत कंपनियों को उनके बारे में चल रही गलत खबरों का खंडन करना होगा. जिस भी कंपनी को लेकर मीडिया में अफवाह वाली खबर चल रही है, उस कंपनी को सामने आकर सफाई और उससे जुड़ा स्पष्टीकरण 24 घंटे के अंदर देना होगा.
अभी 100 बड़ी कंपनियां लिस्ट में
ये नियम 1 जून 2024 से लागू हो गया है. इसमें अभी मार्केट कैपिटल के हिसाब से शीर्ष 100 कंपनियों को अभी शामिल किया गया है. इसके बाद एक दिसंबर 2024 को बाजार की टॉप 250 कंपनियों को सूचीबद्ध किया जाएगा. इसमें शामिल की गई कंपनियों को अपने बारे में मीडिया में चल रही खबरों पर सफाई देना होगा. सेबी (SEBI) द्वारा किए गए इस पहल के बाद निवेशक कंपनी से जुड़ी किसी भी अफवाह की गिरफ्त में आने से रोका जा सकेगा.
अब ब्रोकर को मंजूरी 7 दिन में
सेबी ने ब्रोकर को मंजूरी देने वाले नियमों में भी बदलाव किया है. इस नए नियम के बाद स्टॉक एक्सचेंज को अपने फैसले की जानकारी 7 दिनों के अंदर देना होगा पहले ये इसके लिए 30 दिनों तक का लंबा इंतजार करना पड़ता था. साथ ही इंटरनेट से जुड़े कारोबार की जानकारी अब ब्रोकर को औपचारिक तौर पर अनुमति के लिए संबंधित स्टॉक में आवेदल करना होगा.
एक्सपर्ट की राय क्या है?
एमएमजेसी एंड एसोसिएट्स (MMJC & Associates) के संस्थापक एम जोशी (M Joshi) ने कहा है कि 'इस कदम से ऐसी सूचना लीक होने से बचा जा सकेगा जो कॉर्पोरेट कार्यवाही में मूल्यांकन को प्रभावित कर सकती है. सेबी की इस पहल से अफवाहों से लड़ने में मजबूती मिलेगी. इससे बाजार को निष्पक्ष रखने में मदद मिलेगी,जिससे भारत दुनिया भर के निवेशकों के लिए यहां का बाजार पसंदीदा बाजार बन जाएगा.'