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ट्रंप ने कर दिया खेल... वेनेजुएला पर बड़ा अटैक, ये कच्‍चे तेल के लिए कितना बड़ा संकट

अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़ा हवाई हमला किया है, जिसके बाद अब ग्‍लोबल स्‍तर पर कच्‍चे तेल की सप्‍लाई को लेकिन चिंता बन गई है. लेकिन एक्‍स्‍पर्ट्स इसे किसी और तरीके से देख रहे हैं.

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अमेरिका के वेनेजुएला पर एक्‍शन से तेल पर असर. (Photo: AP)
अमेरिका के वेनेजुएला पर एक्‍शन से तेल पर असर. (Photo: AP)

अमेरिका ने वेनेजुएला के कई शहरों को निशाना बताते हुए 7  जगहों पर हवाई हमला किया है. यह हमला अमेरिका और वेनेजुएला के बीच कई दिनों से बढ़ते तनाव के कारण हुआ है. लेकिन अब पूरी दुनिया की नजर कच्‍चे तेल पर रहने वाली है, क्‍योंकि वेनेजुएला बड़े स्‍तर पर कच्‍चे तेल का उत्‍पादक रहा है. हालांकि एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि इस हवाई हमले कच्‍चे तेल के बाजार में कोई बड़ी हलचल नहीं होगी.  

मार्केट एक्‍सपर्र्ट्स का कहना है कि तेल की कीमतों पर अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई का सीमित प्रभाव पड़ने की उम्मीद है. इस घटना से जोखिम तो बढ़ता है, लेकिन वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में कोई खास रुकावट आने की संभावना नहीं है. 

मीडिया रिपोर्ट्स में एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका ने साल 2019 से ही वेनेजुएला की तेल सप्‍लाई पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिस कारण वेनेजुएला का तेल पहले से ही ग्‍लोबल मार्केट में कम है. ऐसे में इस नए अटैक से ग्‍लोबल आपूर्ति को झटका लगने की संभावना कम है. 

वेनेजुएला का उत्‍पादन लगातार गिर रहा है
स्विस बैंक यूबीएस के रणनीतिकार जियोवानी स्टाउनोवो ने यूएई स्थित द  नेशनल न्यूज को बताया कि इसके प्रभाव का पूरी तरह से आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन अमेरिका द्वारा तेल टैंकरों पर प्रतिबंध लगाने के बाद से वेनेजुएला का उत्पादन और निर्यात लगातार गिर रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्य जोखिम यह है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो यह गिरावट जारी रह सकती है. सिंगापुर स्थित वांडा इनसाइट्स की CEO वंदना हरि ने कहा कि तेल बाजार पर अभी इसका मामूल असर होगा. एक्‍सपर्ट्स के ये बयान अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला पर हमले की पुष्टि करने के बाद आई है. 

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घरेलू मार्केट में इसका क्‍या होगा असर? 
Ya वेल्‍थ की डायरेक्‍टर अनुज गुप्‍ता ने लाइवमिंट को बताया कि अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता के चलते कई कमोडिटीज की कीमतों में उछाल आ सकता है. उनका अनुमान है कि सोने, चांदी, तांबे, कच्‍चे तेल और गैसोलीन के लिए बाजार में तेजी के साथ शुरूआत होगी. गुप्ता ने कहा कि कॉमेक्स गोल्ड, जो 4,345.50 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था, 4,380 डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी 75-78 डॉलर के दायरे में जा सकती है. वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल 62 से 65 डॉलर प्रति बैर तक बढ़ सकता है. 

घरेलू बाजार में इसका क्‍या होगा असर?
गुप्ता ने कहा कि एमसीएक्स पर सोने की कीमतें 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं, जबकि चांदी की कीमत 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ सकती है. एमसीएक्स कच्चे तेल की कीमतें 5,200-5,300 रुपये प्रति बैरल के आसपास रहने की उम्मीद है. 

कीमती धातुओं पर बढ़ते दबाव समझाते हुए बसाव कैपिटल के सह-संस्थापक संदीप पांडे ने कहा कि अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष ने चांदी के निर्यातकों के लिए शिपिंग मार्गों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आपूर्ति में कमी आ सकती है. वहीं सोने में निवेश भी बढ़ सकता है. 

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