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चेन्‍नई: यात्रा मजबूरी, लगता है डर

पटरियों पर सरपट दौड़ती ट्रेन हिस्सा बन चुकी हैं उन लाखों जिंदगियों की, जिनके लिए ट्रेन जरिया हैं रोजमर्रा के कारोबार का. रेलवे के दावे मुसाफिरों को सुरक्षा का भरोसा तो दिलाते हैं लेकिन डर आज भी लोगों की सांसों के साथ चलता है. रात में चेन्नई से तांबरम तक के लिए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कितनी सच्चाई है रेलवे के दावों में इसके लिए आज तक की संवाददाता ने खुद रेल का सफर किया, लोगों की आंखों में झांका, दिलों को टटोला.

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