ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत पर निर्भरता कम करने के लिये रेलवे ने बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा का दोहन करने का विचार किया है. आगामी बजट की योजना में इसे शामिल किया जा सकता है.
रेल मंत्री सदानंद गौड़ा संसद में 8 जुलाई को अपना पहला रेल बजट पेश करने जा रहे हैं जिसमें वह सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए फोटो वोलेटिक सेल आधारित सोलर ग्रिड स्थापित करने संबंधी रूपरेखा बता सकते हैं.
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रेलवे में अपारंपरिक ऊर्जा को बढ़ावा देना नरेन्द्र मोदी सरकार का मुख्य एजेंडा है और यह नई एनडीए सरकार के पहले रेल बजट में दिखेगा.
सौर ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने के अलावा रेल बजट में एलएनजी और इथेनॉल आधारित डीजल इंजन से संबंधित योजना की रूपरेखा पेश किए जाने की संभावना है क्योंकि इसमें रेल के लिए वैकल्पिक इंधन विकास करने पर ध्यान दिया जा रहा है.
योजना के अनुसार, देशभर में रेलवे प्लेटफार्म की छत, इमारत, कालोनी, वर्कशॉप और बंजर जमीन का उपयोग सौर उर्जा उत्पादन के लिए किया जाएगा