बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निकम्मा करार दिया. लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की ओर से बुलाई गई बैठक में सोनिया ने कहा कि सदन की कार्यवाही चलाने की जिम्मेदारी सरकार की होती है. वहीं, जेएनयू मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार सवाल उठाने के लोकतांत्रिक अधिकारों को भी नहीं मानती है.
हमारी आवाज दबानी चाहती है सरकार
बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने सरकार को कमोबेश हर मुद्दे पर निशाने पर लिया. पर उन्होंने कहा, 'हम दूसरी पार्टियों के साथ हैं. सदन चलते के साथ ही हम उन सवालों को उठाने में उनका साथ देंगे जो इस वक्त खड़े हुए हैं. यूनिवर्सिटी के छात्रों को अपनी बात रखने की पूरी आजादी होनी चाहिए. मौजूदा सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है.' सोनिया गांधी ने कहा कि इस सरकार के साथ समस्या यह है कि वह लोकतांत्रिक अधिकार को नहीं मानती. यहां ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने और परिचर्चा करने की आजादी नहीं है.
Leaders arrive for All party meeting called by Lok Sabha Speaker Sumitra Mahajan.
— ANI (@ANI_news)
All party meeting called by Lok Sabha Speaker Sumitra Mahajan, begins.
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नाकामी छुपा रही है केंद्र सरकार
सरकार पर निशाना साधते हुए ने कहा कि मोदी सरकार अपनी नाकामी छुपाना चाहती है. उन्होंने कहा, 'मैं एक बात साफ कर देना चाहती हूं कि हम चाहते हैं कि सदन चले.' सर्वदलीय बैठक में कई पार्टियों के नेता पहुंचे और सदन की कार्यवाही से पहले एक बनाने की कोशिश की गई.
Problem is with Govt which refuses to accept the democratic right of Opp is to raise burning public issues for debate & discussion: SGandhi
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