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Budget 2022: बजट के एक दिन बाद LIC IPO को लेकर बड़ी खबर, ये है खेल!

सरकार ने एक दिन पहले आए बजट में Disinvestment का टारगेट 1.75 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 78 हजार करोड़ रुपये कर दिया. अब एक दिन बाद यह खबर सामने आ रही है कि एलआईसी के आईपीओ का साइज भी कम रह सकता है. इसे विनिवेश के टारगेट को कम करने की असली वजह माना जा रहा है.

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छोटा रह सकता है साइज छोटा रह सकता है साइज
स्टोरी हाइलाइट्स
  • छोटा हो जाएगा LIC IPO का साइज
  • पूरा हो गया एलआईसी वैल्यूएशन का काम

LIC IPO Latest Update: सरकार ने एक दिन पहले आए बजट (Union Budget 2022) में विनिवेश के टारगेट (Disinvestment Target) को आधे से भी ज्यादा कम कर दिया. अब चालू वित्त वर्ष (FY22) के लिए विनिवेश का टारगेट 1.75 लाख करोड़ रुपये के बजाय 78 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. बजट के एक दिन बाद इसकी असली कहानी सामने आ रही है. दरअसल सरकार ने 'सबसे बड़े आईपीओ' का साइज कम कर दिया है. अब एलआईसी आईपीओ (LIC IPO) पहले से अनुमानित साइज का आधा रह सकता है.

हो गया LIC की वैल्यू का कैलकुलेशन

ईटी नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार अभी एलआईसी की सिर्फ 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की पेशकश कर सकती है. सरकार इसके बदले 65 हजार से 75 हजार करोड़ रुपये तक जुटाना चाह रही है. रिपोर्ट के अनुसार, सरकार को एलआईसी की वैल्यू का पता चल चुका है. उसी के हिसाब से आईपीओ के साइज पर निर्णय लिया गया है. एक सप्ताह के भीतर सेबी के पास इस आईपीओ का DRHP फाइल किया जा सकता है.

पहले 10% तक हिस्सेदारी बेचने की थी योजना

इससे पहले कहा जा रहा था कि यह आईपीओ 80 हजार करोड़ रुपये से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये तक का हो सकता है. सरकार इस आईपीओ के जरिए एलआईसी की 10 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने का प्रयास कर रही थी. एलआईसी आईपीओ पिछले साल से ही खबरों में है. सरकार ने पिछले बजट में इसी आईपीओ को ध्यान में रखते हुए 1.75 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का भारी-भरकम टारगेट तय किया था. इस बजट में विनिवेश टारगेट को संशोधित कर आधे से भी कम किए जाने के बाद एलआईसी आईपीओ पर संशय के कयास लगाए जाने लगे थे.

अब कम लोगों को मिलेंगे एलआईसी के शेयर

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, एडवाइजर फर्म E&Y ने एलआईसी की वैल्यू का कैलकुलेशन किया है. सरकारी बीमा कंपनी अब आईपीओ से पहले एंकर इन्वेस्टर्स से करीब 25 हजार करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास कर रही है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एलआईसी के आईपीओ में कंपनी के बीमाधारकों के लिए 5-10 फीसदी कोटा रिजर्व रखा जा सकता है. हालांकि अब साइज कम हो जाने से इस आईपीओ में अब कम लोगों को ही शेयर अलॉट हो पाएंगे.

इस कारण कम हुआ बजट में टारगेट

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए अब 78 हजार करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य तय किया है. बजट से एक दिन पहले आई आर्थिक समीक्षा में बताया गया था कि अभी तक विनिवेश से करीब 13 हजार करोड़ रुपये ही जुटाए जा सके हैं. यह आंकड़ा अप्रैल 2021 से 24 जनवरी 2022 तक का है. अब एलआईसी आईपीओ के घटे साइज के हिसाब से देखें तो इससे सरकार को 65 हजार करोड़ रुपये से 75 हजार करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं. कंजर्वेटिव अप्रोच में भी सरकार इस आईपीओ से 65 हजार करोड़ रुपये जुटा लेगी. इस तरह आसानी से संशोधित विनिवेश लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा.

ये 3 सौदा पटा तो सच हो जाएगा समीक्षा का अनुमान

आर्थिक समीक्षा (Economic Survey) में ये भी कहा गया था कि सरकार चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा सकती है. समीक्षा के अनुसार, सरकार को 31 मार्च 2022 को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में विनिवेश से 1-1.30 लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं. अभी बचे 2 महीनों के दौरान सरकारी हेलीकॉप्टर कंपनी पवन हंस (Pawan Hans) का भी विनिवेश करने की योजना है. इसके अलावा सरकार एक्सिस बैंक (Axis Bank) और आईटीसी (ITC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने का भी प्रयास कर रही है. पवन हंस से सरकार को कुछ हजार करोड़ रुपये मिल सकते हैं. आईटीसी में सरकार की हिस्सेदारी की मौजूदा वैल्यू करीब 21 हजार करोड़ रुपये है. इसी तरह एक्सिस बैंक की हिस्सेदारी से 3,700 करोड़ रुपये जुटाई जा सकती है. अगर ये तीनों प्लान सफल हो जाते हैं तो आर्थिक समीक्षा के अनुमान को हासिल किया जा सकता है.

 

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