देश का बजट (Budget 2026) पेश होने वाला है, गरीब-अमीर सबकी नजरें सरकार पर होती हैं. उम्मीदें होती हैं कि उन्हें राहत मिलेंगी. लेकिन अब सवाल उठता है कि सरकार के पास पैसे कहां से आते हैं? वैसे तो अधिकतर देशों में आयकर (Income Tax) सरकार की आय का मुख्य जरिया होता है. भारत में भी कमाई के आधार पर इनकम टैक्स वसूला जाता है. जो ज्यादा कमाते हैं, उन्हें ज्यादा आयकर देना होता है, और कम आमदनी वालों को कम आयकर लगता है.
दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां भारत से ज्यादा आयकर वसूला जाता है. लेकिन तमाम ऐसे देश भी हैं, जहां इनकम टैक्स वसूला ही नहीं जाता, यानी लोगों को कोई इनकम टैक्स (Income Tax) नहीं देना पड़ता है. आइए उन देशों के बारे में जानते हैं जहां एक रुपया भी टैक्स नहीं लिया जाता है. फिर मन में ये सवाल उठता है कि बिना Tax इन देशों की इकोनॉमी कैसे चलती हैं?
UAE
दुनिया की डायरेक्ट टैक्स मुक्त इकोनॉमी वाले देशों पर नजर डालें, तो इसमें पहले नंबर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का नाम आता है. इस देश में जनता से किसी भी तरह का कोई व्यक्तिगत टैक्स नहीं लिया जाता है. सरकार अप्रत्यक्ष कर जैसे VAT (वैल्यू एडेड टैक्स) और अन्य शुल्कों पर निर्भर रहती है. UAE की इकोनॉमी तेल और टूरिज्म की वजह से काफी मजबूत है. इसलिए यहां के लोगों को इनकम टैक्स से राहत दी गई है.
बहरीन
टैक्स फ्री देशों में बहरीन भी शामिल है, इस देश में भी जनता से कोई टैक्स नहीं वसूला जाता है. यहां की सरकार भी दुबई की तरह ही प्रमुख तौर पर डायरेक्ट टैक्स के बजाय अप्रत्यक्ष करों और अन्य शुल्कों पर निर्भर करती है. ऐसा माना जाता है कि ये तरीका देश के छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए बेहद अनुकूल साबित होता है और इससे इकोनॉमी में भी रफ्तार आती है.
कुवैत
कुवैत भी टैक्स-फ्री देशों (Tax Free Countries) की लिस्ट में शामिल है. यहां पर कोई व्यक्तिगत आयकर नहीं है. देश की इकोनॉमी तेल पर बेस्ड है. कुवैत के पास तेल का बड़ा खजाना है. कुवैत की आमदनी का सबसे बड़ा हिस्सा तेल निर्यात (Oil Export) से ही आता है, जिससे सरकार को डायरेक्ट टैक्स लेने की कोई जरूरत ही नहीं होती. ये मॉडल अपनाने के बाद टैक्स-फ्री कंट्री होने के बावजूद भी कुवैत एक समृद्ध अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा है.
सऊदी अरब
सऊदी अरब ने भी अपनी जनता को टैक्स के जंजाल से पूरी तरह मुक्त रखा हुआ है और देश में डायरेक्ट टैक्स को समाप्त किया जा चुका है. मतलब इस देश में भी लोगों को अपनी कमाई का एक भी हिस्सा टैक्स के तौर पर खर्च नहीं करना होता है. हालांकि, इस देश में भी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था मजबूत है और इससे प्राप्त होने वाले पैसों से इकोनॉमी को बूस्ट मिलता है और इसकी गिनती भी समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं में की जाती है.
द बहमास
पर्यटकों के लिए जन्नत कहा जाने वाला द बहमास देश वेस्टर्न हेमिस्फीयर में पड़ता है. इस देश की खास बात है कि यहां रहने वाले नागरिकों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है. बहरीन और कुवैत के अलावा खाड़ी देश ओमान भी इस लिस्ट में शामिल है. ओमान के जो नागरिक हैं, उन्हें इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है. इसकी वजह ओमान का मजबूत ऑयल और गैस सेक्टर माना जाता है. ओमान, बहरीन और कुवैत की तरह कतर का भी ऐसा ही हाल है. कतर भी अपने ऑयल सेक्टर में काफी मजबूत है. यह देश बेशक छोटा है, लेकिन यहां रहने वाले लोग काफी अमीर हैं. यहां पर भी इनकम टैक्स नहीं वसूला जाता है.