scorecardresearch
 

बजट पर Survey: 3 में से 2 लोगों ने कहा- अच्छा, इकोनॉमी के लिए बूस्टर डोज

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने 01 फरवरी को 2022-23 का बजट पेश किया था. यह उनका लगातार चौथा बजट था. बजट में कई क्षेत्रों खासकर इंफ्रा, एग्री समेत डिजिटल एसेट्स पर टैक्स लगाने और सरकारी डिजिटल करेंसी का ऐलान किया गया.

X
बजट से लोग खुश बजट से लोग खुश
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डिजिटल एसेट्स पर टैक्स से ज्यादातर लोग खुश
  • आरबीआई की डिजिटल करेंसी को मिल रहा सपोर्ट

Budget 2022 Survey: इनकम टैक्स (Income Tax) पर कोई राहत नहीं मिलने के बाद भी ज्यादातर लोग इस बजट को अच्छा मान रहे हैं. एक ताजा सर्वे के अनुसार, हर 3 में से 2 भारतीयों का मानना है कि यह बजट इकोनॉमी (Economy) के लिए अच्छा है. वहीं लोगों के एक धड़े को बजट में किए गए ऐलान में कई फायदे दिख रहे हैं.

LocalCircles के हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, लोगों को इस बजट में कोरोना महामारी को देखते हुए कुछ राहतों के ऐलान की उम्मीद थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने चौथे बजट में पर्सनल इनकम टैक्स (Personal Income Tax) को लेकर कुछ मामूली बदलाव किए. हालांकि इनमें से कोई भी बदलाव लोगों को राहत देने वाले नहीं हैं. इसके बाद भी हर 3 में से 2 भारतीयों की राय है कि बजट 2022 का इकोनॉमी पर सकारात्मक असर होने वाला है.

सर्वे में 24 फीसदी लोगों ने माना कि बजट में किए गए ऐलान से कई फायदे होने वाले हैं. बजट को लेकर 42 फीसदी लोगों की राय है कि यह कम से कम एक क्षेत्र में प्रोग्रेस को बढ़ावा देने वाला है. दूसरी ओर 29 फीसदी लोगों को लगता है कि बजट का कोई असर नहीं होने वाला है. सर्वे के अनुसार, 56 फीसदी लोगों को बजट उम्मीदों से कमतर लगा, तो 42 फीसदी ने माना कि बजट उनकी उम्मीदों पर या तो खरा उतरा है या बेहतर साबित हुआ है.

इस सर्वेक्षण में देश के 342 जिले के 40 हजार से ज्यादा लोगों की राय ली गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने 01 फरवरी को 2022-23 का बजट पेश किया था. यह उनका लगातार चौथा बजट था. बजट में कई क्षेत्रों खासकर इंफ्रा, एग्री आदि के लिए ऐलान किए गए. बजट में डिजिटल एसेट्स पर टैक्स (Tax On Digital Assets) लगाने और सरकारी डिजिटल करेंसी (RBI Digital Currency) लाने का ऐलान भी किया गया. सर्वे में जब इस बारे में पूछा गया तो 54 फीसदी लोगों ने डिजिटल एसेट्स पर टैक्स लगाने का समर्थन किया. इसी तरह 58 फीसदी लोगों ने आरबीआई की डिजिटल करेंसी का समर्थन किया.

बजट में हेल्थ सेक्टर को 86 हजार करोड़ रुपये मिले. इसके अलावा मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ के लिए 41,011 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जो पिछले बजट के 74,820 करोड़ रुपये की तुलना में काफी कम रहा. इस बारे में 48 फीसदी लोगों ने कहा कि यह आवंटन कोविड-19 महामारी को हैंडल करने के लिए पर्याप्त नहीं है. वहीं दूसरी ओर 40 फीसदी लोगों के लिए यह आवंटन पर्याप्त है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें