वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में टैक्स के मोर्चे पर मध्यम वर्ग को ज्यादा राहत नहीं दी है. आयकर छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि इसकी जगह स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस ला दिया गया है.
स्टैंडर्ड डिडक्शन के आने से आपको टैक्स को लेकर कितना फायदा मिलेगा और इसका आपकी इनकम के हिसाब से आप पर कितना असर पड़ेगा, यह आप आगे समझ पाएंगे.
क्या होता है स्टैंडर्ड डिडक्शन :
स्टैंडर्ड डिडक्शन आपकी आय का वो हिस्सा होता है, जिस पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता है. यही नहीं, इस छूट का फायदा उठाने के लिए आपको किसी भी तरह का दस्तावेज भी नहीं दिखाना होता है.
इतना मिलेगा स्टैंडर्ड डिडक्शन :
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने
वेतनभोगियों को स्टैंडर्ड डिडक्शन की सौगात दी है. आपकी सालाना इनकम पर
यह 40 हजार रुपये तक मिलेगा. आपको कितना स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा, ये इस
पर निर्भर करेगा कि आप टैक्स स्लैब के किस दायरे में आते हैं.
इससे पहले कि हम आपको बताएं कि आपको कितना स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा, उससे पहले ये जान लें कि सरकार ने इसके बदले आप से कुछ वापस भी ले लिया है.
आपको 15 हजार रुपये के मेडिकल अलाउंस पर मिलने वाला टैक्स बेनेफिट और 19200 रुपये का ट्रांसपोर्ट अलाउंस वापस ले लिया गया है. इन दोनों को वापस लिए जाने के बाद आपको स्टैंडर्ड डिडक्शन की बदौलत 5800 रुपये तक का फायदा मिलेगा.
समझिए कैसे :
पहले आपको मेडिकल अलाउंस के तौर पर 15 हजार और ट्रांसपोर्ट अलाउंस के नाते 19200 रुपये मिलते थे. ये दोनों मिलाकर होते थे 34200 रुपये. अब इसे स्टैंडर्ड डिडक्शन की 40 हजार रुपये की सीमा से घटाएं, तो आपको सिर्फ 5800 रुपये का फायदा मिलेगा.
आपके हाथ में कितना आएगा :
मौजूदा समय में 2.5 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है. इसके बाद 2.5 लाख से 5 लाख की इनकम पर 5 फीसदी, 5 लाख से 10 लाख की सालाना कमाई पर 20 फीसदी और इससे ज्यादा की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगता है.
स्टैंडर्ड डिडक्शन का 40 हजार रुपये अपनी टैक्सेबल इनकम से घटाकर और इसमें 4 फीसदी एजुकेशन सेस जोड़कर देखेंगे, तो आपको टैक्स के मामले में पिछली व्यवस्था के मुकाबले मामूली फायदा होगा.
स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा :
स्टैंडर्ड डिडक्शन को लाने का फायदा यह होगा कि आपका पेपरवर्क कम होगा. इसके बाद आपको इसे हासिल करने के लिए बिल्स जमा करने का झंझट नहीं पालना पड़ेगा.