scorecardresearch
 
Advertisement
बजट

ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार

ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 1/9
आज से बजट सत्र शुरू हो गया है और 1 फरवरी को बजट पेश किया जाना है. इस बजट को लेकर लोगों को कई उम्मीदें और पूरा देश इस पर नजरें लगाए हुए हैं. लेकिन हम आपको पिछले सालों के उन बजट के बारे में बताएंगे, जो अलग अलग तरीके से इतिहास के पन्नों में दर्ज है. आइए जानते हैं बजट से जुड़ी कई अहम बातें, जो आप शायद ही जानते होंगे....
ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 2/9
भारत का पहला बजट 2 फरवरी 1946 को लियाकत अली खान की ओर से पेश किया गया, जो कि बाद में पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बने थे.
ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 3/9
अपना पहला बजट पेश करने के बाद शनमुखम शेट्टी ने इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद केसी नियोजी ने 35 दिन के लिए वित्त मंत्री का पदभार संभाला था.
Advertisement
ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 4/9
हालांकि भारत के आजाद होने से पहले भी ब्रिटिश सरकार में बजट पेश किया जाता था. भारत में पहली बार बजट 18 फरवरी 1869 को पेश किया गया था, जो कि जेम्स विल्सन ने पेश किया था.
ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 5/9
साल 1955-56 से बजट पेपर हिंदी में तैयार किए जा रहे है. इससे पहले भारत का बजट सिर्फ अंग्रेजी में छपता था.
ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 6/9
मोरारजी देसाई के इस्तीफा देने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वित मंत्री का पदभार संभाल लिया था और वो देश की पहली और इकलौती महिला वित्त मंत्री थी.
ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 7/9
1991 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद देश में पहली बार दो मंत्रियों ने अंतरिम और फाइनल बजट पेश किया था और वो दोनों अलग-अलग पार्टी से थे.
ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 8/9
साल 2001 में पहली बार सुबह 11 बजे बजट पेश किया गया था. 2001 में वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने ऐसा किया था. बता दें कि इससे पहले बजट शाम 5 बजे जारी किया जाता था.
ऐसे बदलती गई बजट की परंपराएं, जानें कब क्या हुआ पहली बार
  • 9/9
साल 2000 तक केंद्रीय बजट को फरवरी महीने के अंतिम कार्य-दिवस को शाम 5 बजे घोषित किया जाता था. यह समय ब्रिटिश संसद के आधार पर तय किया गया था और उनके टाइम के अनुसार भारत ने इसे शाम को पेश करना शुरू किया. अटल बिहारी बाजपेयी की एनडीए सरकार (बीजेपी द्वारा नेतृत्व) के तत्कालीन वित्त मंत्री श्री यशवंत सिन्हा थे, जिन्होंने परम्परा को तोड़ते हुए 2001 के केंद्रीय बजट के समय को बदलते हुए 11 बजे घोषित किया.
Advertisement
Advertisement
Advertisement