scorecardresearch
 

बिहार: अस्पताल के बाहर कचरे में नवजात का शव फेंक गई महिला, नोंचने लगे कुत्ते

बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. सदर अस्पताल के गेट के पास कचरे के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से हड़कंप मच गया. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, नगर प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

Advertisement
X
अस्पताल के बाहर कचरे में नवजात का शव फेंक गई महिला (Photo: ITG)
अस्पताल के बाहर कचरे में नवजात का शव फेंक गई महिला (Photo: ITG)

बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. हाजीपुर सदर अस्पताल के मुख्य गेट के पास कचरे के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. यह घटना उस समय सामने आई जब रोज की तरह सुबह लोग अस्पताल गेट के पास चाय पी रहे थे.

बोरे में कचरा फेंक गई महिला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय एक महिला बोरे में कचरा लेकर अस्पताल गेट के पास आई और उसे कचरे के ढेर में फेंककर चली गई. कुछ ही देर बाद वहां पहुंचे एक कुत्ते ने कचरे को खंगालना शुरू किया और उसमें से नवजात शिशु का शव निकालकर सड़क किनारे बैठकर खाने लगा. कुत्ते ने उसका एक पैर चबा लिया. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद दुकानदारों और चाय पी रहे लोगों का ध्यान उस ओर गया.

मृत नवजात का पांव चबा गए कुत्ते

स्थानीय लोगों ने तत्काल कुत्ते को भगाया और देखा कि कचरे में पड़ा हुआ शव एक नवजात शिशु का है. इसके बाद लोगों में आक्रोश फैल गया. मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित नगर थाना पुलिस को मौके पर पहुंचने में करीब दो घंटे लग गए.

Advertisement

अस्पताल पर अवैध भ्रूण हत्या के आरोप

स्थानीय दुकानदार राजा ने बताया कि उन्होंने महिला को बोरे में कचरा फेंकते हुए देखा था. कुछ देर बाद दो-तीन कुत्ते कचरे को उलट-पुलट कर शव को बाहर निकाल लाए. उन्होंने बताया कि पुलिस और अस्पताल प्रशासन को सूचना देने के बावजूद कोई तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा. बाद में नगर परिषद की कचरा उठाने वाली टीम के सहयोग से शव को वहां से हटाया गया.

इस घटना ने हाजीपुर में अवैध भ्रूण हत्या के आरोपों को एक बार फिर हवा दे दी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में भ्रूण हत्या रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास केवल कागजी साबित हो रहे हैं. शहर के कई निजी नर्सिंग होम में अवैध रूप से भ्रूण हत्या और नवजात शिशुओं को ठिकाने लगाने का गोरखधंधा चल रहा है.

पहले भी आए ऐसे मामले

यह कोई पहली घटना नहीं है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले भी सदर अस्पताल गेट के पास कचरे के ढेर में नवजात शिशुओं के शव मिल चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इसी लापरवाही के कारण ऐसे अमानवीय कृत्य लगातार सामने आ रहे हैं.
 
Input: विकाश कुमार

Advertisement

 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement