ज़रा सोचिए... सड़क पर गाड़ियां दौड़ रही है, लोग गाड़ी में बैठे हैं. लोगों ने सीट बेल्ट लगा रखी है. मन में भरोसा है कि यदि कोई दुर्घटना हुई तो एयरबैग वक्त पर खुल जाएगा. उसी वक्त अचानक टक्कर होती है. एयरबैग खुलता नहीं... फटता है, बिल्कुल किसी बम की तरह. और अगले ही पल मेटल (धातु) के टुकड़े कार में बैठे लोगों के सीने और चेहरे में धंस जाते हैं. जिस एयरबैग रक्षक माना जा रहा था, वो किसी हथियार की तरह की तरह काम करता है और मौत का सामान बन जाता है.
यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि अमेरिका की सड़कों पर हकीकत बन चुका है. सेकंड हैंड कारों में लगे नकली चीनी एयरबैग्स अब सड़कों पर चलते-फिरते मौत के जाल बन गए हैं. हालात इतने डरावने हैं कि अमेरिकी सड़क सुरक्षा एजेंसी को देशभर में चेतावनी जारी करनी पड़ी है.
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में सेकंड हैंड कार खरीदने वालों के लिए एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की गई है. अमेरिकी सड़क सुरक्षा एजेंसी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) का कहना है कि, घटिया और अवैध तरीके से आयात किए गए चीनी एयरबैग्स के कारण लोगों की जान जा रही है. दिसंबर में ऐसे ही दो और हादसों में ड्राइवरों की मौत के बाद एजेंसी ने कार मालिकों, खरीदारों और रिपेयर शॉप्स को अलर्ट पर रहने को कहा है.
एनएचटीएसए के मुताबिक चीन के जिलिन प्रांत बेस्ड डेटियान्नुओ ऑटोमोबाइल सेफ्टी सिस्टम कंपनी लिमिटेड, जिसे डीटीएन के नाम से जाना जाता है, के बनाए गए रिप्लेसमेंट एयरबैग इनफ्लेटर अब तक 10 हादसों में मौत या गंभीर चोट की वजह बन चुके हैं. एजेंसी को शक है कि ये एयरबैग अवैध रूप से अमेरिका में आयात किए गए थे.
रिपोर्ट के अनुसार अब तक 8 ड्राइवर ऐसे हादसों में मारे गए हैं, जिनमें सामान्य हालात में जान बच सकती थी. दो अन्य ड्राइवरों को गंभीर चोटें आईं. इन सभी वाहनों में पहले किसी दुर्घटना के बाद ओरिजिनल एयरबैग हटाकर लो क्वालिटी के रिप्लेसमेंट एयरबैग लगाए गए थे.
एनएचटीएसए ने बताया कि डीटीएन के एयरबैग इनफ्लेटर टक्कर के वक्त सही तरीके से काम करने के बजाय फट जा रहे हैं. इसके कारण बड़े मेटल के टुकड़े ड्राइवर के सीने, गर्दन, आंखों और चेहरे में जा घुसे. यही वजह है कि ऐसे हादसे में लोगों की दर्दनाक मौत हो रही है.
एजेंसी ने अक्टूबर में ही डीटीएन के इनफ्लेटर को लेकर जांच शुरू कर दी थी. उस वक्त तक 8 हादसे और 6 मौतें सामने आ चुकी थीं. एनएचटीएसए अब कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर इन एयरबैग्स के अवैध आयात से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है. अनुमान है कि करीब 10 हजार ऐसे एयरबैग्स इस जांच के दायरे में हैं.
अब तक जिन हादसों में मौत हुई है, उनमें सभी रिप्लेसमेंट एयरबैग इस्तेमाल की गई शेवरले मालिबू या हुंडई सोनाटा कारों में लगे पाए गए. हालांकि एनएचटीएसए ने साफ किया है कि खतरा सिर्फ इन्हीं मॉडलों तक सीमित है, यह अभी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता. वहीं हुंडई मोटर ने कहा है कि वह इन रिपोर्ट्स को लेकर बेहद चिंतित है. कंपनी के अनुसार 3 पुरानी सोनाटा कारों में नकली एयरबैग इनफ्लेटर लगे थे, जो हादसे के दौरान फट गए.
हुंडई ने साफ किया कि ये एयरबैग न तो कंपनी ने सप्लाई किए थे और न ही इन्हें बेचने वालों को अधिकृत किया गया था. कंपनी ने कहा कि ग्राहकों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और वह एनएचटीएसए की जांच में पूरा सहयोग कर रही है. वहीं शेवरले बनाने वाली जनरल मोटर्स ने इस मुद्दे पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.
NHTSA के प्रमुख जोनाथन मॉरिसन ने कहा कि, एजेंसी इस गंभीर समस्या को लेकर इंडस्ट्री और कार मालिकों दोनों के साथ काम कर रही है. ऑटो रिपेयर इंडस्ट्री को अलर्ट जारी किया गया है कि अगर उन्हें ऐसे एयरबैग इनफ्लेटर दिखें तो तुरंत एजेंसी को जानकारी दें. एनएचटीएसए ने कहा कि डीटीएन ने खुद अपनी वेबसाइट पर माना है कि उसके इनफ्लेटर अमेरिका में बिक्री के लिए प्रतिबंधित हैं. इसके बावजूद जो लोग इन्हें देश में ला रहे हैं और गाड़ियों में लगा रहे हैं, वे सीधे तौर पर अमेरिकी परिवारों की जान खतरे में डाल रहे हैं.
एजेंसी ने सलाह दी है कि जो लोग ऐसी पुरानी कार खरीद रहे हैं, जिनका पहले एक्सीडेंट हो चुका है और जिनमें एयरबैग खुल चुके थे, उन्हें तुरंत जांच करानी चाहिए. यह जानना बेहद जरूरी है कि कार में लगा एयरबैग ओरिजिनल के बराबर सेफ हो.