खामेनेई की हत्या कराने के पीछे सऊदी अरब और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के होने का दावा Washington Post की रिपोर्ट में किया गया है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका ने शुरुआत में ईरान पर हमला करने का समर्थन नहीं किया क्योंकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक अगले दशक तक ईरान अमेरिका के लिए खतरा नहीं बन पाएगा. यह जानकारी राष्ट्रपति ट्रंप को भी दी गई थी. International Atomic Energy Agency ने भी बताया कि ईरान ने पिछले साल के हवाई हमले के बाद परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं की है.