'ईरान का अरबों डॉलर वापस करना होगा वर्ना...', अचानक इतने नरम क्यों पड़ गए ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 शिखर सम्मेलन में कहा कि अमेरिका ने ईरान के अरबों डॉलर फ्रीज किए हुए हैं, जिन्हें वापस करना पड़ सकता है. अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसमें सैन्य कार्रवाइयों को समाप्त करने और प्रतिबंधों में राहत देने की बात कही गई है.

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ट्रंप ने ईरान के फ्रीज किए पैसे लौटाने की बात कही है (Photo: Reuters) ट्रंप ने ईरान के फ्रीज किए पैसे लौटाने की बात कही है (Photo: Reuters)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:17 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ने ईरान के 'काफी पैसे' अपने कंट्रोल में रखे हुए हैं और उसे वो रकम वापस करनी पड़ सकती है. फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के समापन पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने यह टिप्पणी की.

उन्होंने कहा, 'हमने उनका (ईरान का) बहुत सारा पैसा अपने पास रखा हुआ है. वो हमारा पैसा नहीं है, बल्कि उनका पैसा है. हमने उसे एक समय पर फ्रीज कर दिया था. मेरा मानना है कि हमें वो पैसा वापस करना पड़ेगा, क्योंकि अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो भविष्य में कोई भी डॉलर पर भरोसा करके निवेश नहीं करेगा.'

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रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच वर्चुअली एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस समझौते में सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को समाप्त करने, होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और प्रतिबंधों में राहत से जुड़े ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता का रास्ता तैयार करने का प्रावधान है. इस समझौते के औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने हैं.

ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का प्लान तैयार करेगा अमेरिका

समझौते के अनुसार, अमेरिका अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर का एक प्लान तैयार करेगा.

हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका सीधे तौर पर इस फंड में पैसा नहीं लगाएगा. उन्होंने कहा, 'हम पैसा नहीं दे रहे हैं. केवल तब, जब वे सही तरीके से व्यवहार करेंगे. अगर वे सही काम करेंगे और लोग निवेश करना चाहेंगे, तो वे निवेश कर सकते हैं. यह 300 अरब डॉलर का फंड तभी काम करेगा जब ईरान सही दिशा में आगे बढ़ेगा.'

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ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को पहले ही भारी नुकसान झेलना पड़ा है. उन्होंने कहा, 'जब आप अरबों डॉलर की बात करते हैं, तो यह भी याद रखिए कि उन्हें एक खरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो चुका है.'

ईरान को संभावित प्रतिबंध राहत देने के सवाल पर ट्रंप ने कहा, 'जैसे ही वे उचित व्यवहार करेंगे, कुछ न कुछ होगा.'

अमेरिका की ओर से जारी 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के अनुसार, अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में अमेरिका एक तय समय-सीमा के तहत ईरान पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंधों को समाप्त करने का वादा करता है. इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के गवर्नर्स बोर्ड के प्रस्ताव, तथा अमेरिका के सभी प्राथमिक और द्वितीयक एकतरफा प्रतिबंध शामिल हैं.

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