Ukraine War: रूसी हमले ने बदल दी यूरोप के खूबसूरत देश की तस्वीर, हर तरफ तबाही का मंजर

यूक्रेन की गिनती यूरोप के खूबसूरत देशों में होती थी. रूसी हमले के बाद यूक्रेन के खूबसूरती से लैस कई शहरों की तस्वीर रातों-रात बदल गई है.

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यूक्रेन का इंडिपेंडेंस स्क्वायर यूक्रेन का इंडिपेंडेंस स्क्वायर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 8:19 PM IST
  • यूरोप जाने वाले सैलानियों का पसंदीदा स्थल था यूक्रेन
  • चहलकदमी से गुलजार रहीं सड़कों पर खून के धब्बे

रंगीन परंपरा, गर्मजोशी से भरे लोगों से समृद्ध बड़ा, विविधताओं से भरा यूरोपीय देश है यूक्रेन. एक ट्रैवल वेबसाइट ने रूसी हमले से पहले यूक्रेन का परिचय कुछ इस तरह से दिया था. यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा देश यूक्रेन अपने सौंदर्य के कारण सैलानियों के आकर्षण का केंद्र हुआ करता था. यूक्रेन अद्भुत मठ, करिश्माई गिरजाघर, ऐतिहासिक समारकों के लिए पहचान रखता था. छुट्टियां मनाने के लिए यूरोप जाने का प्लान बनाने वाले सैलानियों के पसंदीदा देशों में से एक था यूक्रेन. यूक्रेन का सौंदर्य रूसी हमले की विभीषिका में कहीं खोती सी दिख रही हैं.

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हंसते-खेलते यूक्रेन को किसी की नजर लग गई. जो देश कभी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहे यूक्रेनी शहर रूसी हमले से अपना वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. सुंदर इमारतों और प्राकृतिक सौंदर्य से कभी इठलाते रहे यूक्रेन में अब देखने के लिए कुछ बचा है तो वह है नागरिकों के आंसू और भय से पलायन. रूसी गोलाबारी के बीच भी झुकने से मना करती बड़ी-बड़ी इमारतें. यूक्रेन की जो सड़कें कभी लोगों की चहलकदमी से गुलजार रहती थीं, उन सड़कों पर खून के धब्बे और नागरिकों की एक सेना जो मनोबल के सहारे रूस की ताकतवर सेना का मुकाबला कर रही है.

रातो-रात बदल गई तस्वीर

यूक्रेन और रूस के बीच पिछले कुछ महीनों से तनातनी चल रही थी. नई दिल्ली में यूक्रेन के राजदूत ने युद्ध की शुरुआत से चंद रोज पहले तक कहा था कि इस तरह का माहौल कई बार बना. सब सामान्य है लेकिन तस्वीर रातो-रात बदल गई. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पेशल ऑपरेशन के नाम पर अपनी सेना को यूक्रेन में घुसने का आदेश दे दिया जो इस यूरोपीय देश के शहरों पर बम-बारूद और गोलियों की शक्ल में कहर बरपा रही है.

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रूस की ओर से यूक्रेन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने, इस यूरोपीय देश को डी-मिलिटराइज करने की बात कही गई थी. अब इस युद्ध को 12 दिन गुजर चुके हैं और इतने दिनों में यूक्रेन के शहरों का मानों चेहरा ही बदल गया है. यूक्रेनी सेना और आम नागरिकों के प्रतिरोध के बावजूद अपनी खूबसूरती से लोगों को आकर्षित करने वाली इमारतें या तो पूरी तरह से तबाह होकर मलबे में तब्दील हो चुकी हैं या फिर क्षतिग्रस्त हो गई हैं.

यूक्रेन से आ रही तस्वीरें दिखा रहीं बर्बादी

सैलानियों से गुलजार रहने वाले यूक्रेन के विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों में बड़ी तादाद में विदेशी छात्र भी रहते थे. भारत अपने देश के छात्रों को निकाल रहा है तो वहीं अमेरिका समेत कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यूक्रेन की यात्रा न करने की सलाह जारी की हुई है. यूक्रेन के हवाई अड्डे तबाह हो गए हैं तो वहीं यूक्रेनी शहर आपस में भी कट गए हैं. रूसी हमले के बाद यूक्रेन से आ रही तस्वीरें वहां की बर्बादी को दर्शाती हैं. शहरों से आ रही तस्वीरें देखकर ये समझना भी मुश्किल हो रहा है कि ये यूक्रेन के वही शहर हैं. 

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खारकीव नेशल यूनिवर्सिटी

पहले

खारकीव नेशल यूनिवर्सिटी की गिनती यूक्रेन के शीर्ष विश्वविद्यालयों में होती थी. रूसी सेना की बमबारी में खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी की इमारत भी तबाह हो गई है. खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी की 2 मार्च से पहले और इसके बाद की तस्वीर देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि तबाही कितनी हुई है.

अब

स्वोबॉडी स्क्वायर

पहले

यूक्रेन के खेरसान प्रांत में स्थित है स्वोबॉडी स्क्वॉयर जिसे फ्रीडम स्क्वायर भी कहा जाता है. स्वोबॉडी स्क्वायर पर रूसी सेना ने 2 मार्च को मिसाइलें और रॉकेट दागी थीं. यूरोप के किसी शहर का दूसरा सबसे बड़ा सेंट्रल स्क्वायर स्वोबॉडी स्क्वायर अब तबाह हो चुका है.

अब

इरपिन ब्रिज

पहले

रूसी हमले के बाद यूक्रेन की सेना ने खुद ही इरपिन ब्रिज को उड़ा दिया था. कभी नागरिकों की आवाजाही को सुगम बनाने वाला ये ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है.

अब

खारकीव सिटी काउंसिल बिल्डिंग

पहले

खारकीव सिटी काउंसिल की इमारत भी रूसी हमले में क्षतिग्रस्त हो गई है. खारकीव शहर पर रूसी सेना ने 2 मार्च को मिसाइलें दागी थीं और रॉकेट्स से भी हमला किया किया था.

अब

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग भले ही आज नहीं तो कल थम जाए, लेकिन ये युद्ध यूक्रेन के शहरों में लंबे समय तक न मिटने वाले निशान छोड़ जाएगी. यूक्रेन में इस युद्ध से हुई तबाही के जख्म भरने में काफी समय लग सकता है.

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