पुतिन पर भारी पड़ रहे जेलेंस्की! यूक्रेन के ताबड़तोड़ ड्रोन हमलों से रूस की तेल इंडस्ट्री हिली

यूक्रेन ने रूस की ऊर्जा व्यवस्था पर बड़े ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं. कई तेल रिफाइनरी और निर्यात टर्मिनल निशाने पर आए हैं, जिससे रूस की कमाई पर असर पड़ सकता है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया है कि इन हमलों से रूस की क्षमताएं घट रही हैं.

Advertisement
यूक्रेन लगातार रूस के ऑयल रिफाइनरी को निशाना बना रहा है. (Photo- ITG) यूक्रेन लगातार रूस के ऑयल रिफाइनरी को निशाना बना रहा है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:30 PM IST

रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है, जहां यूक्रेन सीधे रूस की सबसे बड़ी ताकत, उसकी ऊर्जा इंडस्ट्री को निशाना बना रहा है. हाल के दिनों में यूक्रेन ने रूस की कई तेल रिफाइनरी और एक्सपोर्ट टर्मिनल्स पर ताबड़तोड़ ड्रोन हमले किए हैं, जिससे मॉस्को की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ना तय है.

यूक्रेनी सेना के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते में ही कई बड़े हमले किए गए हैं, जो उस अभियान का हिस्सा हैं जिसकी शुरुआत पिछले साल शुरूकी गई थी. इस रणनीति का मकसद साफ है, रूस की उस आय को कमजोर करना, जिस पर उसकी युद्ध क्षमता काफी हद तक निर्भर है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में युद्ध का नया मोर्चा... US-इजरायल के खिलाफ ईरान का साथ देने हूती भी जंग में कूदे

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि उनके लॉन्ग-रेंज ड्रोन अब पहले से ज्यादा प्रभावी हो गए हैं. उन्होंने दावा किया कि इस महीने रूस के ऊर्जा ढांचे पर कम से कम 10 बड़े हमले किए गए हैं, जिनमें से कुछ हमले रूस के काफी अंदर तक किए गए.

रूस की बड़ी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले

ताजा हमला रूस के यारोस्लाव क्षेत्र की एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर किया गया, जहां सीधे ड्रोन हिट के बाद आग लग गई. हालांकि स्थानीय गवर्नर ने कहा कि 30 से ज्यादा ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया, लेकिन कुछ इमारतों और एक कमर्शियल फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा है.

Advertisement

इसके अलावा, बाल्टिक सागर के किनारे स्थित रूस के उस्त-लुगा ऑयल टर्मिनल पर भी पिछले हफ्ते दो बार हमले हुए. इन हमलों में तेल लोडिंग स्टेशन और स्टोरेज टैंक को नुकसान पहुंचा है. हमलों के बाद सेंट पीटर्सबर्ग के पास एयर पॉल्यूशन की चेतावनी तक जारी करनी पड़ी.

हमले से रूस की रिफाइनरी की क्षमता घटी

यूक्रेन का दावा है कि इन हमलों के बाद उस्त-लुगा टर्मिनल की क्षमता करीब 40% तक घट गई है. इसके साथ ही प्रिमोर्स्क पोर्ट और सारातोव की एक रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति ऐसे समय अपनाई गई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे रूस को फायदा हो रहा था. लेकिन यूक्रेन इन हमलों के जरिए उस लाभ को कम करने की कोशिश कर रहा है.

यह भी पढ़ें: लेबनान में 'नया गाजा' बना रहा इजरायल? तबाही, पलायन और बदली जंग की तस्वीर

रूस की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा तेल की कमाई पर निर्भर है. रूस का करीब एक-तिहाई राजस्व इसी से आता है. ऐसे में इन हमलों का असर सीधे उसकी वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है. यही वजह है कि रूस अब घरेलू जरूरतों को देखते हुए पेट्रोल एक्सपोर्ट पर फिर से प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है.

Advertisement

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ कहा कि यह हमले रूस द्वारा यूक्रेन की बिजली व्यवस्था पर किए गए हमलों का जवाब हैं. उनका कहना है कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमला बंद कर दे, तो कीव भी जवाबी कार्रवाई रोक सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement