हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के तेल ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे तेल उत्पादन पर भारी असर हुआ है. रूस ने हालांकि, अब तक इस बात को सार्वजनिक रूप से कभी स्वीकार नहीं किया था. लेकिन गुरुवार को रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि साल की शुरुआत से रूस का कच्चे तेल का उत्पादन घटा है, क्योंकि देश की कई रिफाइनरियां मरम्मत और मेंटेनेंस के कारण प्रभावित हैं.
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में नोवाक ने कहा, 'फिलहाल 2026 की शुरुआत की तुलना में रूस का तेल उत्पादन वास्तव में कम है. हमारी कई रिफाइनरियां मरम्मत के दौर से गुजर रही हैं. हालांकि, हम अपने एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं.'
नोवाक ओपेक+ बैठकों में रूस का प्रतिनिधित्व करते हैं और संगठन के उत्पादन संबंधी फैसलों में भी शामिल रहते हैं. नोवाक का यह बयान इस बात का सबूत है कि यूक्रेन के बढ़ते ड्रोन हमले रूसी रिफाइनरियों की घरेलू रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं.
इसे देखते हुए रूस ने कच्चे तेल के निर्यात को बढ़ाने की कोशिश की है, लेकिन यूक्रेन ने बाल्टिक सागर और ब्लैक सी स्थित रूसी निर्यात टर्मिनलों को भी निशाना बनाया है.
रूस ने जेट फ्यूल के निर्यात पर लगाया है प्रतिबंध
इसी हफ्ते रूस ने 30 नवंबर 2026 तक जेट फ्यूल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया. इसका मकसद रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बीच घरेलू सप्लाई सुनिश्चित करना है.
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय जेट फ्यूल बाजार पर इस प्रतिबंध का बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि रूस बहुत कम मात्रा में विमानन ईंधन का निर्यात करता है.
केरोसीन निर्यात पर लगाया गया यह प्रतिबंध पेट्रोल निर्यात प्रतिबंध के बाद आया है, जो 1 अप्रैल से लागू है. हाल के हफ्तों में यूक्रेन के तेज होते ड्रोन हमलों के कारण रूस की रिफाइनिंग क्षमता और परिचालन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है.
यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों को बनाया है निशाना
ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन ने रूस की कई प्रमुख रिफाइनरियों और तेल निर्यात टर्मिनलों को निशाना बनाया है. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय तेल और ईंधन कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का फायदा उठाने की रूस की क्षमता को कमजोर करना है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अनुसार, पिछले महीने यूक्रेन ने रूस की 3 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली यारोस्लाव्ल तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया था, जिससे रूसी रिफाइनिंग और तेल निर्यात ढांचे पर ड्रोन हमले और तेज हो गए.
जेलेंस्की ने मई में कहा था, 'हम युद्ध को वापस उसके घर, यानी रूस तक ले जा रहे हैं और यह पूरी तरह उचित है.'
आजतक इंटरनेशनल डेस्क