प्रतिबंधों से भड़का रूस, बराक ओबामा समेत 500 अमेरिकियों पर लगाया बैन

रूस ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत अमेरिका के 500 नागरिकों पर बैन लगाया है. मास्को की ओर से जारी किए गए बयान में बताया गया है कि विदेश मंत्रालय ने ये कदम सर्गेई लावरोव के साथ जा रही मीडिया को अमेरिका द्वारा वीजा देने से इनकार करने के बदले में उठाया गया है.

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (फाइल फोटो) अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2023,
  • अपडेटेड 7:03 AM IST

रूस ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत 500 नागरिकों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई है. रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि हाल ही में वाशिंगटने द्वारा घोषित किए गए प्रतिबंधों के जवाब में मास्को ने ये कार्रवाई की है. मंत्रालय ने शुक्रवार को ये भी कहा कि रूस ने हिरासत में लिए वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर इवान गेर्शकोविच के लिए काउंसलर एक्सेस को अमेरिकी अपील को भी अस्वीकार कर दिया था, जिसे मार्च में जासूसी के शक में गिरफ्तार किया गया था.  

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मास्को की ओर से बयान जारी कर बताया गया है कि हाल ही में जब विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव संयुक्त राष्ट्र में जा रहे थे, तब अमेरिका ने उनके साथ यात्रा करने वाले मीडियाकर्मियों को वीजा देने से इनकार कर दिया था. इसी के जवाब में रूस ने ये कदम उठाया है.  

अमेरिका ने की थी प्रतिबंधों की घोषणा

बयान में कहा गया है कि वाशिंगटन को बहुत पहले ही यह सीख लेना चाहिए था कि रूस पर एक भी शत्रुतापूर्ण हमला बिना सजा दिए नहीं जाएगा. इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका ने रूस के खिलाफ 300 से अधिक प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस को दंडित करना और कठोर प्रतिबंधों को तेज करना है.  

पुतिन पर शिकंजा कसने के लिए लगाए गए प्रतिबंध

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अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन ने बयान में कहा कि पुतिन के बर्बर आक्रमण को छेड़ने की क्षमता पर शिकंजा कसने के लिए ये प्रतिबंध लगाए गए हैं, जोकि प्रतिबंधों से बचने के रूसी प्रयासों को कम करने के हमारे वैश्विस प्रयासों को आगे बढ़ाएगा. 

22 लोग, 104 संस्थाओं पर बैन

ट्रेजरी विभाग ने कहा कि उसने 22 लोगों और 104 संस्थाओं पर 20 से अधिक देशों या न्यायालयों में ये प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें वे कंपनियां भी शामिल हैं, जो रूस में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, सेमीकंडक्टर्स, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक इंपोर्ट या शिप निर्माण करती हैं.  

 

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