पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) पर लगी पाबंदी को एक बार फिर बढ़ा दिया है. पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने शनिवार को जारी नोटिस टू एयरमैन (NOTAM) में कहा कि भारतीय पंजीकरण वाले सभी विमान, भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित या लीज पर लिए गए विमान और सैन्य उड़ानें 23 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी.
यह फैसला पहले से लागू प्रतिबंध की अवधि 24 जुलाई को समाप्त होने से पहले लिया गया है. नई अधिसूचना के अनुसार यह प्रतिबंध पाकिस्तान के दोनों फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन (FIR)- कराची और लाहौर पर लागू रहेगा. भारत और पाकिस्तान ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना-अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था. इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी.
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इसके बाद दोनों देशों ने सुरक्षा और कूटनीतिक कदमों के तहत एक-दूसरे की एयरलाइंस और सैन्य विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया था. पाकिस्तान ने तब से हर महीने इस प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई है. लगातार बढ़ रहे इस एयरस्पेस बैन का असर दोनों देशों की विमानन सेवाओं पर पड़ रहा है. भारतीय एयरलाइंस को कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे उड़ान का समय बढ़ रहा है और परिचालन लागत भी अधिक हो रही है.
वहीं यात्रियों को भी अधिक यात्रा समय और संभावित किराया वृद्धि जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी ओर, भारत ने भी पाकिस्तान के खिलाफ समान (रिसिप्रोकल) कदम उठाते हुए पाकिस्तानी पंजीकरण वाले सभी विमानों, पाकिस्तान की एयरलाइंस और सैन्य उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद रखा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क पर लगी पाबंदियां अभी भी बरकरार हैं और निकट भविष्य में इनके हटने के कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं.
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