121 खाली तेल टैंकरों का 'मेला' चला अमेरिका! बंद पड़ा होर्मुज और ट्रंप ने पलट दिया 'गेम'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनियाभर के देशों को प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वो अमेरिका का तेल खरीदें. उन्होंने अपने तेल को बढ़ावा देने के बीच ईरानी तेल पर प्रेशर बढ़ा दिया है. इस बीच खबर है कि 120 से ज्यादा तेल टैंकर अमेरिका की तरफ बढ़ रहे हैं.

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सैकड़ों तेल टैंकर अमेरिका जा रहे हैं (File Photo: Getty) सैकड़ों तेल टैंकर अमेरिका जा रहे हैं (File Photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:59 PM IST

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच तेल बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. खबर है कि एक साथ 120 से ज्यादा तेल टैंकर अचानक से अमेरिका की तरफ बढ़ रहे हैं. ये सभी तेल टैंकर खाली हैं और तेल लोड करने जल्द ही अमेरिका पहुंचने वाले हैं. यह तेल बाजार में बेहद अहम बदलाव है जहां अमेरिका अपने सहयोगी खाड़ी देशों को हो रहे नुकसान के बीच तेल सप्लाई का रुख अपनी तरफ मोड़ रहा है.

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होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से मध्य-पूर्व के प्रमुख तेल सप्लायर देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर जैसे देशों को भारी नुकसान पहुंचा है. 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद कर दिया. 8 अप्रैल को दोनों देशों के बीच हुए दो हफ्ते के सीजफायर में तय हुआ कि होर्मुज खोला जाएगा लेकिन अभी तक यह कुछेक जहाजों के लिए ही खुला है.

ट्रंप होर्मुज खोलने को लेकर ईरान को लगातार धमकी दे रहे हैं और अब उन्होंने ईरानी तेल को निशाना बनाते हुए उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है. ट्रंप ने धमकी भी दी है कि अगर किसी जहाज ने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की तो उसे समंदर में ही उड़ा दिया जाएगा. यह नाकेबंदी ईरान के लिए नुकसानदेह है क्योंकि इससे चोरी-छिपे हो रही उसकी तेल-सप्लाई पर बड़ा असर होगा.

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ईरानी तेल को बाजार से हटाकर अपना तेल बेचने लगे ट्रंप

ईरानी तेल पर ट्रंप के बढ़ते दबाव के बीच दुनिया के देशों में अमेरिकी तेल के डिमांड को बढ़ा दिया गया है. टैंकर-ट्रैकिंग कंपनियों के डेटा के मुताबिक, कम से कम 121 जहाज अमेरिका के गल्फ कोस्ट की ओर जा रहे हैं. इनमें 68 विशाल वेरी लार्ज क्रूड कैरियर (VLCC) सुपरटैंकर शामिल हैं, जिनमें से हर एक करीब 20 लाख बैरल तेल ले जाने की क्षमता रखता है.

ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी के कारण मध्य पूर्व से गुजरने वाला समुद्री व्यापार काफी धीमा हो गया है. ईरान का कच्चा तेल प्रभावी रूप से बाजार से बाहर हो गया है जिसके बाद दुनिया के देश सप्लाई के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. 

अमेरिका ने दुनिया के देशों के सामने विकल्प बेहद सीमित कर दिए हैं जिसके बाद मजबूरन देशों को अमेरिकी तेल की ओर रुख करना पड़ रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा है कि विदेशी जहाज पहले ही अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं ताकि वहां से तेल भरकर उसे दूसरे देशों तक पहुंचाया जा सके.

ट्रंप ने तेल टैंकरों की 'लहर' का किया है स्वागत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि बड़ी संख्या में खाली सुपरटैंकर पहले ही अमेरिका की ओर बढ़ रहे हैं, ताकि वहां से अमेरिकी कच्चा तेल भर सकें. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि दुनिया के 'सबसे अच्छे तेल' के लिए टैंकरों की बाढ़ आ रही है.

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ट्रंप ने लिखा, 'दुनिया के सबसे बड़े खाली तेल टैंकरों की लहर इस समय अमेरिका की ओर आ रही है.' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की अगली दो सबसे बड़ी तेल अर्थव्यवस्थाओं को मिलाकर भी ज्यादा तेल भंडार है. उन्होंने खाली तेल टैंकरों का स्वागत करते हुए लिखा, 'हम आपका इंतजार कर रहे हैं. जल्दी लोडिंग होगी.'

ईरान के साथ युद्ध के चलते दुनिया की 20% तेल सप्लाई को नुकसान पहुंचा है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से इतने ही तेल की आवाजाही होती है. अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के बावजूद, इस रास्ते से टैंकरों की आवाजाही सामान्य से काफी कम बनी हुई है.

ईरान का कहना है कि स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण बना हुआ है और उसने जहाजों से सुरक्षित गुजरने के लिए ट्रांजिट फीस लेने की बात भी कही है. वहीं व्हाइट हाउस ने इसे खारिज करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बिना किसी शर्त, यहां तक कि टोल के बिना भी खुला रहना चाहिए.

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