नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने से बर्फ और चट्टानों का सैलाब आया, जिसके बाद बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई. नेपाल पुलिस के मुताबिक इस हादसे में अब तक 669 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. बाढ़ ने सड़कों, पुलों, बस्तियों और बिजली परियोजनाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया है. अधिकारियों ने भोटेकोशी और त्रिशूली इलाकों में लोगों और बचाव दलों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर जाने की चेतावनी दी है, क्योंकि आगे और बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है.
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्राधिकरण के अनुसार, नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 2,426 लोग अभी भी लापता हैं. इनमें से 1,924 लोग नेपाल से हैं, जबकि 554 लोग तिब्बत से लापता हैं. अधिकारियों ने कहा है कि हालात का आकलन जारी रहने के कारण यह संख्या आगे बदल सकती है. नेपाल की आपदा एजेंसी के मुताबिक 517 विदेशी नागरिक, जिनमें पर्यटक और मजदूर शामिल हैं, लापता हैं. वहीं चीन ने अपनी तरफ से 260 विदेशियों के लापता होने की जानकारी दी है. नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया कि अब तक 121 पर्यटकों को बचाया जा चुका है, हालांकि कुल बचाए गए लोगों की सही संख्या अभी साफ नहीं है. शुक्रवार को दी गई 579 मौतों की तुलना में अब यह आंकड़ा बढ़कर 626 हो गया है. तिब्बत में सात और मौतों की पुष्टि हुई है.
सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले ग्यिरोंग सीमा क्षेत्र में चीनी बचाव दल शुक्रवार को ही पहुंच पाया. 21 सदस्यों की टीम खोजी कुत्ते के साथ पहाड़ों और घाटियों को पार कर रस्सियों की मदद से जंगलों और खड़ी चट्टानों से गुजरी. सीमा क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज में पानी और मलबे का सैलाब इमारतों को बहाते और लोगों को जान बचाकर भागते हुए दिखाया गया. शुक्रवार को बाढ़ से बनी एक झील का पानी लेंधे खोला और त्रिशूली नदियों में बहने लगा, जिससे नेपाल में दहशत फैल गई और चेतावनी जारी करनी पड़ी. करीब तीन घंटे के लिए बचाव कार्य रोकना पड़ा और चीनी टीमें भी सावधानी के तौर पर पीछे हट गईं. खतरा कम होने के बाद टीमों ने फिर से तलाशी शुरू कर दी.
नेपाल ऊपरी इलाकों में बनी दो बांध जैसी झीलों पर नजर रख रहा है और कहा है कि जब तक ये पूरी तरह खाली नहीं होतीं, खतरा बना रहेगा. चीन के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार तक झील में करीब 25 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और अगले तीन दिनों में 30 लाख घन मीटर और पानी जमा हो सकता है. चीन ने आगाह किया है कि यह झील टूट भी सकती है. शुरुआत में नेपाल ने विदेशी मदद लेने से इनकार किया था, लेकिन बाद में भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की टीमों को बुलाया गया. नेपाल के वित्त मंत्री ने बताया कि पुनर्निर्माण के लिए 4 से 5 अरब डॉलर की जरूरत होगी.
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने कहा कि हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में अब भी लोगों के फंसे होने की आशंका है. राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान भी तेज किया गया है.
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद फंसे महाराष्ट्र के 37 पर्यटक शनिवार को सुरक्षित मुंबई लौट आए. मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर पर्यटकों ने राहत की सांस ली और कहा कि उन्हें लगता है कि भगवान ने उन्हें बचा लिया. मुंबई लौटे एक पर्यटक ने कहा कि वे सभी सुरक्षित वापस आकर बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि भगवान ने उन्हें बचा लिया. पर्यटक ने भारत और महाराष्ट्र सरकार के सुरक्षित वापसी में मदद करने के लिए आभार जताया.
नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बीच 183 भारतीय पर्यटक अब भी लापता हैं. नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक, दुनियाभर से कुल 753 पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं.
नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ के बाद आठ जिलों से अब तक 669 शव बरामद किए जा चुके हैं. 2,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं, जबकि करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान के बीच भारत की एक विशेष तकनीकी टीम ने प्रभावित इलाके में हाइड्रोपावर सुरंगों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया. भारतीय दूतावास के मुताबिक, टीम की यह तकनीकी जांच सुरंगों में फंसे लोगों की जल्द तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करेगी. टीम ने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति और सुरंगों का जायजा लिया, ताकि बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा सके.
नेपाल के धादिंग में बाढ़ में बहकर आए बैंक के सेफ को तोड़कर रकम निकालने के आरोप में 29 लोग गिरफ्तार हुए हैं. आरोपियों से 92.68 लाख नेपाली रुपये बरामद किए गए. पूरी खबर यहां क्लिक कर पढ़ें: नेपाल: बाढ़ में बहकर आए बैंक के सेफ पर डाका, तिजोरी तोड़कर निकाले ₹92 लाख... पुलिस ने 29 लोगों को किया गिरफ्तार
नेपाल के चितवन जिला प्रशासन कार्यालय ने रसुवा में भोटेकोशी नदी की बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की वीभत्स तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं करने की अपील की है. प्रशासन ने कहा कि ऐसी तस्वीरों और वीडियो से मृतकों के परिजनों को ज्यादा दुख होगा.
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच मध्य प्रदेश के एक परिवार को राहत की खबर मिली है. अनूपपुर की दो बहनें पालक और पल्लवी मांझी, जिनसे दो दिन से संपर्क नहीं हो पा रहा था, सुरक्षित मिल गई हैं. दोनों फिलहाल पोखरा में हैं और रविवार से घर लौटने की प्रक्रिया शुरू करने की उम्मीद है.
नेपाल में आई त्रासदी के बाद उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है. शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया में हवाई सर्वेक्षण करते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया.
गोपालगंज डीएम समीर सौरभ के मुताबिक, कुछ दिन पहले नेपाल से लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी गोपालगंज पहुंचा था. लेकिन तटबंध मजबूत होने के कारण जिले में कोई बड़ा नुकसान हुआ. उनका कहना है कि अब जलस्तर कम हो गया है और फिलहाल वाल्मीकिनगर बैराज से लगभग 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. उन्होंने इसे सामान्य स्थिति बताया है.
नेपाल में आई भीषण बाढ़ में प्रभावित इलाकों में अंतर्राष्ट्रीय खोज और बचाव टीमों की मदद न लेने के अपने फैसले को नेपाल सरकार ने बदला है. यह फैसला उन देशों के राजनयिक दबाव के बाद लिया गया जिनके नागरिक इस आपदा में लापता है. भारत की टेक्निकल टीम मदद के लिए काठमांडू पहुंच गई हैं. भारतीय वायु सेना भी नेपाल में राहत-बचाव अभियान में जुटी है.
नेपाल में आई बाढ़ के कारण बिहार में भी प्रशासन अलर्ट पर है. पश्चिम चंपारण में भारत-नेपाल बॉर्डर पर स्थित गंडक बैराज में पानी का स्तर घट-बढ़ रहा है. फिलहाल नदी का जलस्तर 97,500 क्यूसेक है, जो सामान्य सीमा के भीतर माना जा रहा है.
नेपाल की बाढ़ में महाराष्ट्र के लगभग 404 पर्यटकों के फंसे होने की जानकारी आ रही है. बताया जा रहा है कि वे सभी सुरक्षित हैं. राज्य सरकार के अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था कि महाराष्ट्र के 404 लोग नेपाल की बाढ़ में अलग-अलग जगहों पर फंसे हैं. हालांकि वे सभी सुरक्षित हैं. जबकि 60 पर्यटक अब भी लापता हैं. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी के मुताबिक हादसे के दौरान नेपाल में मौजूद महाराष्ट्र के 105 लोग सुरक्षित भारत आ चुके हैं.
नेपाल-चीन सीमा के पास दो दिन पहले आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है. समूह के कोऑर्डिनेटर ने शुक्रवार को बताया कि 77 सदस्यीय यह समूह लगातार संपर्क से बाहर है.
नेपाल में बाढ़ के बाद हालात बेहद खराब बने हुए हैं. 600 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई हजार लोग अब भी लापता हैं. इस बीच, कई दिनों से सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि नेपाल ने भारत, चीन समेत अन्य देशों से मदद लेने से इनकार कर दिया है. अब नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इस पर सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि नेपाल द्वारा विदेशी सहयोग अस्वीकार किए जाने का प्रचार भ्रामक है.
चीन ने नेपाल को चेतावनी दी है कि ल्हेन्दे नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील का रंग लगातार गहरा हो रहा है और इसके किसी भी समय फूटने की आशंका है. चीन ने नेपाल के विदेश मंत्रालय को संदेश भेजकर निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
ब्रिटेन में रहने वाले हिंदुओं ने शुक्रवार (28 अगस्त) को नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत राशि जुटाई. फ्लैश फ्लड ने नेपाल के कई कस्बों में भारी तबाही मचाई है. दक्षिण-पूर्वी लंदन के प्लमस्टेड स्थित एक मंदिर, जहां मुख्य रूप से नेपाली हिंदू आते हैं, ने धार्मिक त्योहार रक्षाबंधन के कार्यक्रम को नेपाल में बाढ़ पीड़ितों और बचाव अभियान के लिए राहत राशि जुटाने के प्रयास के साथ जोड़ा.
नेपाल में आई बाढ़ में कई देशों के लोग फंसे हुए हैं. इसको लेकर यूके फॉरेन ऑफिस ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित ब्रिटिश नागरिकों की मदद के लिए यूके ने नेपाल में रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात की है.