Nepal Flood Live Updates: नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं. इस बीच नेपाल से आने वाली नदियों का पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है.
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है. बागमती प्रदेश पुलिस के मुताबिक रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन में इन मौतों की पुष्टि हुई है. बाढ़ प्रभावित इलाकों से 65 घायलों को जिंदा बचाया गया है, इनमें रसुवा से 43, नुवाकोट से 19 और धादिंग से 3 लोग शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से फोन पर बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर दुख जताया है. PM मोदी ने नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता और राहत मदद देने का भरोसा भी दिया.
नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से मची तबाही के बाद भारत प्रभावित लोगों के लिए जल्द राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत काठमांडू के लगातार संपर्क में है और हालात पर नजर रख रहा है. मानवीय आधार पर राहत पैकेज तैयार किया जा रहा है, जिसे जरूरत सामने आने या हालात की मांग के मुताबिक जल्द भेजा जाएगा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही चिंताजनक है. उन्होंने महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से जरूरी तैयारियां पहले से पूरी रखने को कहा गया है.
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात कर स्थिति पर चर्चा की है. राज्य में संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है. NDRF की कई टीमें बिहार के 6 जिलों के लिए रवाना की गई हैं. कोसी और गंडक नदी बेसिन में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट रखा गया है.
भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक पानी बढ़ने से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ. तेज बहाव में कई वाहन बह गए. बाढ़ से 13 जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं. प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान लगातार जारी है.
नेपाल में लापता लोगों का आंकड़ा 463 पहुंचा
पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती रिकॉर्ड के मुताबिक, नेपाल में बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या 463 पहुंच गई है. इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं. इसके अलावा 52 विदेशी और 13 नेपाली नागरिकों के लापता होने की नई जानकारी सामने आई है. ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इन आंकड़ों की जांच की जा रही है. विदेशी पर्यटकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं.
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कैलाश जर्नी: कुल 31 यात्री लापता बताए गए हैं. इनमें 26 विदेशी नागरिक हैं, लेकिन उनकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हुई है, जबकि 5 नेपाली नागरिक हैं.
पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की जानकारी जुटा रही हैं. ट्रेकिंग गाइडों की मदद से भी प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश की जा रही है.
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25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
वहीं, नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के मुताबिक, बुसी तथा तुसु जैसे प्रभावित इलाकों से 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. बचाव अभियान में 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं. इनमें 7 नेपाली सेना के हैं, जबकि 8 दूसरी एजेंसियों के हैं.
मछली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर बनाया गया है. यहां घायलों का इलाज किया जा रहा है. प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों के साथ बचाव दल भी तैनात हैं.
13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव से 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं. कई परियोजनाओं के बांध, विद्युतगृह तथा पहुंच मार्ग को नुकसान पहुंचा है. बाजार और सीमा क्षेत्र में खड़े वाहन भी पानी में बह गए. नुकसान का पूरा आकलन जमीनी जांच के बाद किया जाएगा.
बाढ़ के खतरे को देखते हुए काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, चितवन तथा धादिंग जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी है. नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी अलर्ट किया गया है.
भारत-नेपाल सीमा पर SSB अलर्ट
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. SSB ने 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को तैयार रखा है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं.
कोसी तथा नारायणी नदी बेसिन में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी की जा रही है. उत्तर और पूर्वी बिहार के साथ उत्तर प्रदेश में घाघरा-कर्णाली और उत्तराखंड में महाकाली नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है.
सीमा पर तैनात SSB की बटालियनों को स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं. जरूरत पड़ने पर इन टीमों को राहत तथा बचाव अभियान में लगाया जाएगा.
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद 133 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है, जबकि लापता लोगों की तलाश की जा रही है.
(इनपुट: प्रणय उपाध्याय)
नेपाल में राहत अभियान के लिए IAF के C-17 और C-130 विमान तैयार हैं. दोनों विमान हिंडन और पालम एयरबेस पर स्टैंडबाय रखे गए हैं. जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री, मेडिकल टीम, दवाएं और मलबा हटाने वाले उपकरण नेपाल भेजे जाएंगे.
(इनपुट: मंजीत नेगी)
सूत्रों के मुताबिक C-130J विमान के आज देर रात हिंडन से उड़ान भरने की संभावना है, जबकि राहत सामग्री से लदा C-17 विमान कल रवाना हो सकता है.
(इनपुट: शिवानी शर्मा)
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है. बागमती प्रदेश पुलिस के मुताबिक रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन में इन मौतों की पुष्टि हुई है. बाढ़ प्रभावित इलाकों से 65 घायलों को जिंदा बचाया गया है, इनमें रसुवा से 43, नुवाकोट से 19 और धादिंग से 3 लोग शामिल हैं.
(इनपुट: पंकज दास)
वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 86 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है. बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं. तकनीकी टीम ने मोर्चा संभाल लिया है और गंडक नदी बेसिन के सभी जिलों को चेतावनी जारी की गई है. देवघाट गेज पर जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज है, जबकि खतरे का निशान 9 मीटर है. पानी बढ़ने पर देवघाट से गंडक बराज तक पहुंचने में करीब साढ़े 3 घंटे लगने का अनुमान है.
(इनपुट: शशिभूषण)
बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने ANI को बताया कि संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पूरी आपदा प्रबंधन टीम हाई अलर्ट पर है. बाढ़ की आशंका वाले जिलों को अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल में बाढ़ के खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर बिहार के पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर और उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं. बेतिया, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में NDRF की अतिरिक्त टीमें भी भेजी गई हैं, जबकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में SDRF की टीमें पहले से तैनात हैं. हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर दुख जताया है. PM मोदी ने नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता और राहत मदद देने का भरोसा भी दिया.
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने अपनी यूनिट्स को अलर्ट कर दिया है. 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमों को तुरंत राहत-बचाव के लिए तैयार रखा गया है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं. कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है. यूपी और उत्तराखंड में घाघरा-करनाली और महाकाली नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है.
नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से मची तबाही के बाद भारत प्रभावित लोगों के लिए जल्द राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत काठमांडू के लगातार संपर्क में है और हालात पर नजर रख रहा है. मानवीय आधार पर राहत पैकेज तैयार किया जा रहा है, जिसे जरूरत सामने आने या हालात की मांग के मुताबिक जल्द भेजा जाएगा.
(इनपुट: मनजीत)
नेपाल में जलप्रलय के बाद कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है. लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड के कारण 19 पुल और 40 सड़कें बह गई हैं, जिससे कई जगहों पर आवाजाही प्रभावित हुई है.
नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ के बाद नेपाली सेना राहत और बचाव अभियान में जुटी है. सेना ने बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ लोगों से सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है.
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत राहत सामग्री भेज रहा है. बाढ़ से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं. भारत की ओर से भेजी जा रही मदद में जरूरी सामान शामिल है, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द राहत पहुंचाई जा सके.
(इनपुट: गीता)
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से अब तक 16 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 384 पर्यटकों और यात्रियों का पता नहीं चल पाया है. नेपाल में तबाही के बाद उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक-नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की आशंका को देखते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. वहीं बिहार में भी कोसी और गंडक नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. CM सम्राट चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह से बात की है, जबकि 6 जिलों में NDRF की टीमें भेजी गई हैं. भारत-नेपाल सीमा पर SSB ने भी रेस्क्यू और राहत टीमों को तैयार रखा है.
नेपाल में आई बाढ़ के कारण बिहार में गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. पूरी स्टोरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें-- पहाड़ों से उठा धुएं का गुबार और फिर महाप्रलय से पुल-शहर तबाह, नेपाल में बाढ़ के 4 खौफनाक VIDEO