ईरान में अली खामेनेई के घर के पास भीषण जंग, मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के 100 लड़ाके मारे गए

मुजाहिद्दीन-ए-खल्क ईरान की सरकार का विरोध करने वाला संगठन है. इस संगठन ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निवास के पास एक ऑपरेशन को अंजाम दिया है. इसमें कई ईरानी कमांडर मारे गए हैं, लेकिन इस संगठन के 100 लड़ाके भी मारे गए हैं.

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आईआरजीसी के कमांडोज एक मिसाइल के सामने नारेबाजी करते हुए. (File Photo: Reuters) आईआरजीसी के कमांडोज एक मिसाइल के सामने नारेबाजी करते हुए. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के 100 लड़ाकों को मारने का दावा किया है. मुजाहिद्दीन-ए-खल्क ईरान का विपक्षी संगठन है जो वर्तमान में ईरान की इस्लामी गणराज्य सरकार के खिलाफ सक्रिय है. अली खामेनेई के विश्वस्त IRGC और मुजाहिद्दीन-ए-खल्क जवानों के बीच भिडंत तब हुई जब शिया-मार्क्सवादी ग्रुप ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के तेहरान हेडक्वार्टर के पास ऑपरेशन करने की कोशिश की थी.

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ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी और हिज़्बुल्लाह से जुड़े अल अखबार ने भी इस भिडंत की और मृतकों की संख्या की पुष्टि की है.

ग्रुप ने कहा कि सोमवार रात तक 150 से ज़्यादा दूसरे MEK विद्रोही सुरक्षित रूप से अपने बेस पर लौट आए. इस ग्रुप ने कहा कि वे मारे गए और घायल लड़ाकों के नाम इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन को देंगे. द जेरुशलम पोस्ट ने इस लड़ाई पर रिपोर्ट प्रकाशित की है.

IRGC और मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के बीच ये लड़ाई मोताहारी कॉम्प्लेक्स के पास हुई है. ईरान का मोताहारी कॉम्प्लेक्स तेहरान में स्थित एक बेहद संरक्षित सरकारी परिसर है. यह सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मुख्यालय का केंद्र है. 

इस कॉम्प्लेक्स में खामेनेई का हेडक्वार्टर, गार्डियन काउंसिल, एक्सपर्ट्स की असेंबली, इंटेलिजेंस मिनिस्टर का ऑफिस, ज्यूडिशियरी सेंट्रल ऑफिस, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और खामेनेई के बेटे मोजतबा का ऑफिस और घर है. 

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MEK का दावा है कि मृतकों में सरकार के सपोर्टर बहुत ज्यादा थे. लेकिन कोई पक्के आंकड़े मौजूद नहीं हैं. इस संगठन ने कहा कि झड़पों के बाद सोमवार को पूरे दिन कंपाउंड में एम्बुलेंस की भारी आवाजाही देखी गई. 

 MEK जहां इस हमले को कामयाब बता रहा है, वहीं ईरान की सरकार से फेल बता रही है. MEK के मुताबिक, “सोमवार सुबह से दोपहर तक सरकारी सेना के साथ हुई कई झड़पों में 100 से ज़्यादा मुजाहिद शहीद हो गए या उन्हें हिरासत में ले लिया गया.” ये झड़पें सुबह की नमाज के समय खामेनेई के ऑफिस में शुरू हुईं.

बाद में मंगलवार को ग्रुप ने घोषणा की कि उसने झड़पों के दौरान हिरासत में लिए गए अपने 16 सदस्यों के नाम UN के स्पेशल रिपोर्टर के साथ शेयर किए हैं और दूसरे हिरासत में लिए गए लोगों और पीड़ितों के बारे में जांच कर रहा है.

'खतरनाक और मुश्किल ऑपरेशन'
 
अल-अखबार ने इन झड़पों की पुष्टि की है. और इसे ईरान में MEK द्वारा किए गए सबसे खतरनाक और मुश्किल ऑपरेशनों में से एक बताया.  इस ग्रुप का दावा है कि इस ऑपरेशन को सीधे विदेशी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने सपोर्ट किया था.

अल-अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस प्लान में MEK ने मोताहारी कॉम्प्लेक्स में घुसपैठ शामिल थी, लेकिन इसे रुआती स्टेज में ही नाकाम कर दिया गया.

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ईरान की सरकारी एजेंसी तस्नीम ने अपने रिपोर्ट में कहा, "MEK ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया है कि ट्रंप दूसरे देशों का फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं." 

बता दें कि MEK को पहलवी वंश के आखिरी सालों में एक टेरर ग्रुप घोषित किया गया था. अली खामेनेई की सरकार इसे टेरर ग्रुप मानती है. 

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