ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की. उन्होंने ट्रंप पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे गतिरोध को लेकर झूठे दावे करने का आरोप लगाया. इसके साथ ही, ईरानी लीडर ने चेतावनी दी है कि ईरान पर लगातार दबाव डालने के ग्लोबल शिपिंग पर गंभीर नतीजे हो सकते हैं.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ग़ालिबफ़ ने कहा, "ट्रंप ने एक घंटे में सात दावे किए, और वे सातों ही झूठे थे."
इसके अलावा उन्होंने कहा कि संघर्ष और बातचीत दोनों में ही अमेरिका नाकाम रहा है और वह उस गलत दावे करके सफल नहीं हो पाएगा.
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरानी बंदरगाहों पर मौजूदा नाकेबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज़ स्ट्रेट आज़ादी से खुला नहीं रहेगा. ग़ालिबफ़ ने कहा कि समुद्री आवाजाही अब ईरान के कंट्रोल में होगी और रास्ते राजनीतिक संदेशों के बजाय 'ज़मीनी हालात' के आधार पर तय किए जाएंगे.
इसी रुख़ को दोहराते हुए, ईरानी सांसद इब्राहिम अज़ीज़ी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाज़ों को इस्लामिक गणराज्य द्वारा तय की गई नई व्यवस्था का पालन करना होगा.
ईरान की तरफ से ये स्टेटमेंट संभावित राजनयिक सफलता को लेकर बढ़ते तनाव और विरोधाभासी बयानों के बीच आए हैं. ट्रंप ने बार-बार यकीन जताया है कि ईरान शांति समझौते पर सहमत होने के करीब है. उनका दावा है कि तेहरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम रद्द कर सकता है और होर्मुज स्ट्रेट कमर्शियल यातायात के लिए पूरी तरह से खुल जाएगा.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान से जुड़े एक सीजफायर के बाद, होर्मुज स्ट्रेट अब कमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह से खुला है. हालांकि ट्रंप ने कहा कि यह रास्ता पूरी तरह से आवाजाही के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता.
इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीजफायर फिलहाल कायम दिख रहा है, जिससे हफ़्तों के संघर्ष के बाद विस्थापित हुए हज़ारों लेबनानी परिवार अपने घरों को लौटना शुरू कर पाए हैं.
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