इन चार शर्तों पर अटका है सीजफायर... खामेनेई ने ट्रंप को यूं दिया कड़ा संदेश

ईरान के सुप्रीम लीडर समर्थित अखबार कायहान ने मिडिल-ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष को रोकने के लिए कड़े रुख का समर्थन किया है. अखबार के मुताबिक कोई भी समझौता सुप्रीम लीडर की शर्तों के सम्मान के साथ ही मंजूर किया जाएगा.

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ईरानी अखबार ने सीजफायर की शर्तें भी बताईं. (File Photo- ITGD) ईरानी अखबार ने सीजफायर की शर्तें भी बताईं. (File Photo- ITGD)

सुबोध कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:53 AM IST

ईरान के सुप्रीम लीडर से फंडेड अखबार 'कायहान' के फ्रंट पेज पर एक बेहद आक्रामक रुख देखने को मिला. अखबार ने अपने पहले पन्ने पर जाहिर किया कि मिडिल-ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष को रोकने के लिए ईरान किसी भी तरह के दबाव में नहीं झुकेगा. 

अखबार की मेन हेडलाइन में सीधे तौर पर लिखा गया- 'कोई भी समझौता सिर्फ तभी मंजूर है, जब उसमें सुप्रीम लीडर की शर्तों का पूरी तरह सम्मान किया जाए.' अखबार ने अपने सब-हेडलाइन में उन शर्तों और रेड लाइन्स का जिक्र किया है, जिन पर ईरान किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा. 

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अखबार ने अपने आर्टिकल में युद्ध के दौरान ईरानी सेना के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है. इसमें दावा किया गया है कि ईरान का सैन्य प्रदर्शन और युद्ध लड़ने की रणनीति इतनी बेहतरीन है कि उसे दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में एक विषय के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए.

क्या है चार शर्तें?

अखबार ने उन चार शर्तों के बारे में लिखा है जिसे मानने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच समझौता मुमकिन है.

  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी अब तक की सभी परमाणु उपलब्धियों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाना.
  • ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध के चलते हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने की शर्त भी रखी है.
  • ईरान ने मांग की है कि अमेरिका मिडिल-ईस्ट से अपने सैनिकों को पूरी तरह बाहर निकाले.
  • इसके अलावा, सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोका जाए.

रक्षा केंद्रों की जासूसी करने वाले को मौत की सजा

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इसी बीच, अखबार के टॉप-राइट हिस्से में छपी एक और हेडलाइन ने सबका ध्यान खींचा. इस खबर के मुताबिक, युद्ध के दौरान ईरान के डिफेंस इंडस्ट्री सेंटर्स से जुड़ी बेहद गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां दुश्मन देश को भेजने वाले एक जासूस को पकड़कर फांसी की सजा दे दी गई है. युद्ध के बीच देश के साथ गद्दारी करने वाले इस जासूस की मौत की खबर को यूं छापकर ईरान ने अपने दुश्मनों को भी एक कड़ा संदेश दिया है.

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