मालदीव की मुइज्जू सरकार ने भारत के खिलाफ किया ये काम तो चीन हुआ खुश, कही ये बात

भारत और मालदीव के बीच फरवरी 2024 में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. इस बैठक के बाद मालदीव के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत 10 मई तक मालदीव से अपने सैनिकों को वापस बुला लेगा. मालदीव की मीडिया के मुताबिक, भारतीय सैनिकों का पहला बैच मालदीव से वापस चला गया है.

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (फाइल फोटो-रॉयटर्स) चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (फाइल फोटो-रॉयटर्स)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 12:22 PM IST

भारत और मालदीव के बीच जारी राजनयिक तनाव के बीच भारतीय सैनिकों का पहला बैच मालदीव से वापस आ गया है. मालदीव छोड़ने से पहले भारतीय सैनिकों ने अपना कार्यभार भारत के टेक्निकल एक्सपर्ट टीम को सौंप दिया है. मालदीव से भारतीय सैनिकों की वापसी पर चीन ने भी प्रतिक्रिया दी है. चीन की ओर से यह प्रतिक्रिया विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता प्रवक्ता वांग वेनबिन ने दी है. 

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वांग वेनबिन ने मालदीव सरकार के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा है कि चीन, मालदीव की क्षेत्रीय संप्रभुता को बनाए रखने में उसका समर्थन करता है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट करते हुए कहा, "अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता को बनाए रखने और अन्य देशों के साथ स्वतंत्र आदान-प्रदान और सहयोग को लेकर मालदीव द्वारा उठाए गए कदम का चीन समर्थन करता है." 

चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनबिन ने यह टिप्पणी मालदीव में तैनात भारतीय सैन्यकर्मियों के पहले बैच के वापस जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में की है.

भारतीय सैनिकों का पहला बैच मालदीव से वापस आया

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के आदेश के बाद विभिन्न द्वीपों में सर्विलांस एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर को ऑपरेट कर रहे भारतीय सैनिक मालदीव से वापस आ गए हैं. मालदीव की न्यूज वेबसाइट मिहारू की रिपोर्ट के मुताबिक, अड्डू शहर के सबसे दक्षिणी एटोल में तैनात लगभग 25 भारतीय सैनिक 10 मार्च की तय समय सीमा से पहले मालदीव छोड़ चुके थे. मालदीव की मीडिया ने सोमवार को बताया कि भारतीय सैनिक अपना कार्यभार टेक्निकल टीम को सौंप कर वापस चले गए हैं.

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हालांकि, मालदीव या भारत के किसी अधिकारी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. हालांकि, मिहारू ने दावा किया है कि मालदीव के राष्ट्रीय सुरक्षा बल ने भारतीय सैनिकों की वापसी के बारे में पुष्टि की है. 

चीन ने क्या प्रतिक्रिया दी 

मालीदव से भारतीय सैनिकों की वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा है कि उन्हें इस बारे में विशेष जानकारी नहीं है. अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करने और स्वतंत्रता के आधार पर सभी पक्षों के साथ मैत्रीपूर्ण सहयोग को लेकर उठाए गए मालदीव के कदम का चीन समर्थन करता है. 

चीन ने बुधवार को यह भी कहा है कि रक्षा मुद्दों को लेकर सहयोग पर चर्चा करने के लिए एक चीनी सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मालदीव, श्रीलंका और नेपाल का दौरा किया है. पिछले सप्ताह मालदीव की ओर से कहा गया था कि उसने चीन के साथ सैन्य सहायता समझौते पर हस्ताक्षर किया है. इस डील के तहत चीन मालदीव को गैर-घातक यानी नॉन लीथल हथियार मुफ्त में सप्लाई करेगा.

सादे कपड़ों में भी रहने की अनुमति नहींः मुइज्जू

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने हाल ही में कहा था कि 10 मई के बाद कोई भी भारतीय सैनिक सादे कपड़ों में भी उनके देश में मौजूद नहीं रहेगा. 

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